चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार सरकार के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में सात दिवसीय गांधी सप्ताह मनाया जा रहा है । इसी कड़ी में सोमवार को किला रोड स्थित बैडेन पावेल स्काउट पार्क में अहिंसा- सामाजिक चेतना विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ।
संगोष्ठी में महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के ब्लॉक संयोजक एवं जिला प्रवक्ता डॉ. गोपाल सालवी,अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार गदिया, स्काउट एंड गाइड के सीईओ चंद्र शंकर श्रीवास्तव, स्काउट शिक्षक कैलाश अहीर एवं चतर सिंह सहित स्काउट के 100 से अधिक छात्र -छात्रा मौजूद रहे। अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार गदिया ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला एवं 1915 में उनके भारत लौटने के समय के दृश्य को कहानी के माध्यम से प्रकट किया । स्काउट गाइड के सीईओ चंद्र शंकर श्रीवास्तव ने स्काउट के माध्यम से सेवा, समर्पण, स्वावलंबन, स्वच्छता एवं सर्व धर्म प्रार्थना सभा के उद्देश्य को व्यक्त किया और सेवा के माध्यम से शिक्षा पर बल देते हुए सभी छात्र-छात्राओं का ध्यान आकर्षित किया।
अहिंसा का सिद्धांत आज भारत की पहचान
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ.गोपाल सालवी ने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अहिंसा का सिद्धांत आज भारत की विश्व में एक पहचान बना रहा है। प्राचीन काल से ही भारत की प्रजा को हिंसा के खिलाफ अहिंसा की शिक्षा दी गई है चाहे वह अहिंसा परमो धर्म के माध्यम से हो या कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक का ह्रदय परिवर्तन होकर उनके द्वारा अहिंसा का प्रचार करना, हमारी सभ्यता में अहिंसा वास करती है। राष्ट्रपिता ने भारत के सभी स्वतंत्रता आंदोलनों में अहिंसा का व्यापक प्रयोग किया और इन्हीं आंदोलनों के माध्यम से अंग्रेजी सत्ता को झुकने पर मजबूर किया। बापू ने शांतिमय साधनों के द्वारा अहिंसा के जरिए स्वतंत्रता हासिल करना सिखाया।
स्काउट शिक्षक कैलाश अहीर ने सभी का आभार व्यक्त किया। मंगलवार को गांधी भाषण प्रतियोगिता जिला मुख्यालय पर महाविद्यालय स्तर पर आयोजित होगी।
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