जहाजपुर (माय सर्कल न्यूज़ @रविकांत जोशी)। उपखण्ड क्षेत्र के लुहारी कलां तेजाजी महाराज के प्रांगण में बड़े हर्षोल्लास के साथ सैकड़ों आदिवासियों साथियों की उपस्थिति में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच प्रतिनिधि रामप्रसाद मीणा ने की। साथ ही कार्यक्रम में मंच संचालन का कार्य कैलाश चंद्र मीणा उप प्रधानाचार्य ने किया। इस अवसर पर सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही।
 सभी वक्ताओं ने एक-एक करके आदिवासी दिवस क्यों मनाते हैं के बारे में बताया। आदिवासी लोगों को अपना सम्मान अस्तित्व एवं संस्कृति बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जनजाति को संरक्षण एवं बढ़ावा देने संस्कृति एवं सम्मान को बचाने के लिए आदिवासी दिवस मनाया जाता है के बारे में बताया। राम प्रसाद अध्यापक ने पूर्वज आदिवासियों को याद किया व आदिवासियों की कला संस्कृति नृत्य गायन अस्तित्व संस्कृति को कैसे सजोकर रखा जाए, कैसे इसका संरक्षण किया जाए, कैसे आदिवासी एकता को बचा कर रखा जा सकता है आदि के बारे में बताया।
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 इस अवसर पर ग्रामीणों द्वारा ढोलक, पेटी, अलगोजा के माध्यम से गायन, कच्ची घोड़ी, नृत्य, मीणावाटी गीत, आदिवासी हीड, हुर्रे व हाका देना तथा संतोष देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने आदिवासी वेशभूषा में नृत्य किया। तेजाजी गायन पार्टी ने तेजाजी के गीतों का गायन किया।
इस अवसर पर जस्सू देवी मीणा सरपंच लुहारी कलां, रामप्रसाद नारायण सिंह  मुख्य अभियंता कोटा, सुरेश मीणा अध्यापक, हेमेंद्र मीणा व्याख्याता विजय सिंह प्रिंसिपल नंदा, जमना, रामदयाल पूर्व सरपंच गाड़ोली, रामप्रसाद फौजी, पूर्व सीआर रामप्रसाद, कैप्टन खेमराज, रामराज सोजीराम, अशोक, नरपत सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।