चित्तौड़गढ़। प्रदेश में नई आबकारी नीति जारी होने के साथ ही ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। इस बार मदिरा दुकानों की लॉटरी नही खुलेंगी बल्कि गत साल दिए गए लाइसेंस ही रिनुअल हो पाएंगे। प्रदेशभर में देशी और अंग्रेजी मदिरा की 7665 दुकानें हैं। नई पॉलिसी के अनुसार मदिरा दुकानों की संख्या में वृद्धि नही की गई हैं लेकिन वार्षिक गारन्टी में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई हैं। इस बार नए सिरे से आवेदन को लेकर लॉटरी नही होगी। प्रदेश में मौजूदा 7665 मदिरा दुकानों का 31 मार्च 2025 तक नवीनीकरण किया जाएगा।ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी निर्धारित की गई हैं। नई पॉलिसी के मुताबिक मदिरा की प्रत्येक दुकान के साथ मदिरा का स्टॉक रखने के लिए दो गोदाम की मंजूरी दी गई हैं। वहीं किसी माह में मदिरा का अधिक उठाव होने पर उसका टारगेट अगले माह में एडजस्ट किए जाने की भी छूट दी गई हैं। शराब फैक्ट्रियों को लाइसेंस का नवीनीकरण नही करा पाने पर अगले वर्ष उस साल की पूरी फीस के स्थान पर 25 फीसदी फीस के साथ लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा। नई आबकारी नीति के अनुसार पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब की आवक पर रोक लगाने के लिए पुलिस के साथ मिलकर आबकारी विभाग संयुक्त जांच दल बनाएगा। नई आबकारी नीति से करोड़ों रुपए का राजस्व विभाग को अर्जित होगा। इस साल जारी हुई नई आबकारी नीति में पुराने प्रावधानों को ही बरकरार रखा हैं। जिला आबकारी अधिकारियों को लाइसेंस जारी करने का अधिकार होगा।
नई आबकारी नीति जारी होने के साथ ही ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। दुकानदार को ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद उसकी हार्ड कॉपी सम्बन्धित जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय में जमा करवानी होगी। नई पॉलिसी के मुताबिक दो करोड़ तक वाली दुकान की दो लाख, 2 से 4 करोड़ वाली दुकान की तीन लाख और 4 करोड़ से अधिक वाली दुकान की 4 लाख रुपए की फीस नवीनीकरण के लिए निर्धारित की गई हैं। इस नई आबकारी नीति की 6 माह बाद समीक्षा की जाएगी। इस नई नीति में किसी दुकानदार की मदिरा गारंटी का उठाव नही हो रहा हैं तो इसे जिले में या जिले से बाहर राज्य में अनुज्ञाधारी को निर्धारित फीस भरकर ट्रांसफर करवा सकेगा हैं, जो 20 फीसदी तक होगा।
●चित्तौड़गढ़ जिले में 226 मदिरा दुकानें, 350 करोड़ का टारगेट
जिला आबकारी अधिकार गजेंद्र सिंह राजपुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि नई आबकारी नीति जारी होने के साथ ही इस बार चित्तौड़गढ़ जिले को 350 करोड़ का राजस्व का टारगेट मिला हैं। जिले में 226 मदिरा दुकानें हैं जिसका नवीनीकरण का कार्य ऑनलाइन शुरू हो गया हैं। जिले में 119 मदिरा दुकानें एक करोड़ तक, एक से दो करोड़ तक की 93, दो से तीन करोड़ तक की 13 और 3 से 4 करोड़ तक बिक्री करने वाली एक दुकान हैं। नई आबकारी नीति से मौजूदा ठेकेदारों को इसका लाभ मिलेगा। 15 फरवरी को रात 12 बजे तक नवीनीकरण फीस, निर्धारित धरोहर राशि समेत आवश्यक दस्तावेज के साथ ऑनलाइन प्रस्तुत करना होगा।
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