कपासन, (माय सर्कल न्यूज़ @अंकित वैष्णव)। नशा मुक्ति केंद्र मे भर्ती युवक की बीती रात मौत हो गई जिससे वाल्मीकि समाज के लोगों में आक्रोश फेल गया। सुबह कस्बे के पांच बत्ती चौराहा पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। परिजनों सहित समाज के लोगों ने नशा मुक्ति केंद्र पर मारपीट से मौत होने का आरोप लगाया। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की समझाईश व मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात पर मामला हुआ शांत। 
 प्राप्त जानकारी के अनुसार हिम्मत कोहली रोहित कोहली कस्बे के वाल्मीकि समाज के युवक विनोद (40) पुत्र कन्हैया लाल कोदली को उसके परिजनों ने तीन दिन पूर्व शनिवार को नशा मुक्ति के लिए केंद्र पर भर्ती करवाया था।
बीती रात समाज के लोगों को पता चला की विनोद का शव हॉस्पिटल में पड़ा हुआ हैं। समाज के लोगों में आक्रोश फेल गया और आरोप लगाया की विनोद को नशा मुक्ति केंद्र पर भर्ती कराने के बाद नहीं तो उससे मिलने दिया गया और न ही वार्ता करवाई गई। उसके साथ मारपीट कर शव हॉस्पिटल में छोड़ दिया जिसकी  परिजनों को भी सूचना नहीं देने का आरोप लगाया जा रहा हैं। समाज के लोग बीती रात एसडीएम अर्चना बुगालिया के आवास पर भी गए। जहां उन्हें उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।लोग थाने पर भी पंहुचे थे।
इसके बाद आज सुबह वाल्मीकि समाज के लोगों ने कस्बे के सफाई कार्य का भी बहिष्कार किया और लगभग 9ः00 बजे कस्बे के पांच बत्ती चौराहे पर बड़ी संख्या में महिला पुरुष मानव श्रंखला बना नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन शुरू किया। समाज के लोग नशा मुक्ति केंद्र संचालक पर हत्या का आरोप लगा उसके खिलाफ कार्यवाही करने ओर मृतक के परिजनों को मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नोकरी देने की मांग कर रहें हैं। पांच बत्ती पर मार्ग भी जाम कर दिया।इधर पुलिस ने मृतक के शव को हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
बताया गया कि विनोद की कोई स्थाई इनकम नहीं थी। वह एवजी के तौर पर नगर में सफाई का कार्य करता था। उसके 7 से 15 साल की 3 लड़कियां हैं। आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं हैं
सुबह 11 बजे से वार्ता और समझाइश का दौर शुरू हुआ। जिसमें दो बार प्रशासन की मौजूदगी में वार्ता और समझाइश की गई।लेकिन नतीजा नहीं निकला। इसी बीच एसडीएम अर्चना बुगालिया ने पांच बत्ती चौराहे पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से समझाइस का प्रयास किया। तहसीलदार नासिर बेग मिर्जा, थानाधिकारी गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। इसके बाद मृतक के समाजजन और नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों के बीच वार्ता हुई। जिसमें मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता को लेकर समझोता हुआ। इसके बाद वाल्मीकि समाज की ओर से पांच बत्ती चौराहे पर चल रहा धरना प्रदर्शन और जाम समाप्त कर दिया। धरना प्रदर्शन पांच घंटे तक चला। धरना समाप्त होने पर आमजन और प्रशासन ने राहत की सांस ली ओर चौराहे पर आवाजाही शुरू हो पाई।