एक अगस्त को भाजपा का जयपुर घेराव, चित्तौड़ से जाएंगे कार्यकर्ता

चित्तौड़गढ़। भारतीय जनता पार्टी,
'नहीं सहेगा राजस्थान कार्यक्रम' के तहत विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने कहा कि सरकार के साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में लूट खसोट, पेपर लीक, दलित अत्याचार
और साम्प्रदायिक घटनाओं का बोलबाला रहा है। उन्होंने कहा कि होटलों में चलने वाली सरकार ने आमजन पर ध्यान नहीं दिया और अब जब सरकार के जाने का समय गया है तब आमजन को लुभाने के लिए थोथी घोषणाएं करने में लगे है। उन्होंने विधानसभा में हुए राजेन्द्र कहा कि सरकार में शामिल मंत्री पर सरकार पर आरोप लगाये इससे बड़ी बात नहीं हो सकती। उन्होंने जब आवाज उठाने की कोशिश की तो उनके साथ विधानसभा में मारपीट की गई और उनकी आवाज दबाने कीकोशिश की गई। विधायक आक्या ने
कांग्रेस नेता पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन
पायलट का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने पदयात्रा करके आरपीएससी को भंग करने की मांग की है क्योंकि बेरोजगार युवक युवाओं के साथ इस सरकार ने कुठाराघात किया है। इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष मिठुलाल जाट ने बताया कि पेपर लीक की घटनाओं, महिला अत्याचार, भ्रष्टाचार को लेकर प्रदेश की जनता उद्वेलित हैं और इस सरकार को सहन नहीं कर पा रहे है इसलिए भाजपा ने नहीं सहेगा राजस्थान कार्यक्रम का आगाज
किया है। इस कार्यक्रम के तहत अब तक मंडल स्तर से लेकर पदयात्राएं हो चुकी है।
विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने बताया कि 'नहीं सहेगा राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जयपुर घेराव किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए चित्तौड़गढ़ से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जयपुर पहुंचेंगे और चित्तौड़गढ़ विधानसभा से 50 बसों और 100 छोटी गाड़ियों के साथ कार्यकर्ता पहुंचेंगे वहीं प्रत्येक शक्ति केन्द्र से एक बस और प्रत्येक बूथ से छोटी गाड़ियां लगाई जायेगी।
विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने चित्तौड़गढ़ यूआईटी में कमीशन का खेल खेला जा रहा है। सेवानिवृत अधिकारियों से काम कराकर पट्टे के एवज में 30 रूपये से 40 रूपये फीट तक कमीशन लिया गया और यूआईटी भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। उन्होंने जमीनों पर कब्जों के आरोप लगाये और कहा कि नगर परिषद ने शहर के हाल बेहाल कर दिये है। शहर की सड़क, नालियां, लाइट आदि में खुलकर भ्रष्टाचार किया गया। वहीं लाखों रूपये के सफाई के टेंडर के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ।
विधायक आक्या ने विधानसा में हुई मारपीट के मामले में सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार के मंत्री राजेन्द्र गुढा के साथ सरकार के ही मंत्री शांति धारीवाल और विधायक अमीन कामजी ने मारपीट की जिसका मैं स्वयं प्रत्यक्षदर्शी हूं और जरूरत पड़ी तो इसके लिए गवाही भी देने के लिए तैयार हूं।
इस दौरान पूर्व युआईटी चैयरमेन
सुरेश झंवर, पूर्व सभापति सुशील
शर्मा, सरपंच रणज सिंह भाटी,
भंवर सिंह खरड़ी बावड़ी, हर्षवर्धन
सिंह रूद, लक्ष्मण सिंह खोर, भूमि
विकास बैंक के चैयरमेन बद्रीलाल
जाट, भाजपा के कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र
झंवर, अनिल ईनाणी, मनोज पारीक
सहित विभिन्न मंडलों के मंडल अध्यक्ष भी मौजूद थे।

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