भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)। जिंदल शॉ लिमिटेड के अत्याचारों से परेशान डेडवास के ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन कर संघर्ष समिति के बैनर तले जिला कलेक्टर व पुलिस अधिक्षक को ज्ञापन देकर जिंदल शॉ लिमिटेड के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। इससे पूर्व डेडवास (नारायणपुरा) ग्रामवासियों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर जिंदल कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। जिसके बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कार्यवाही के लिए 12 सूत्रीय मांग पत्र जिला कलेक्टर को दिया गया। ग्राम वासियों का कहना है कि डेडवास ग्राम पंचायत में अवैध रूप से जिंदल सॉ लिमिटेड द्वारा ब्लास्टिंग की जाती है जिसके चलते दीवारों और छत पर भूकंप जैसे तेज झटके महसूस किए जाते हैं। ब्लास्टिंग के कारण पत्थर उछलकर आबादी क्षेत्र में आ जाते हैं जिससे क्षेत्रवासी भय के माहौल में जीने को मजबूर हो रहे हैं। जिंदल शॉ लिमिटेड की ओर से कोई डंपिंग यार्ड भी नहीं बनाया गया है जिसके चलते क्षेत्र में मलवा इखट्टा कर पहाड़ बना दिए गए हैं जो क्षेत्र वासियों के खेतों को भी बर्बाद कर रहे है। सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्राम वासियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने के दौरान नंद लाल, जगदीश, मानस, संपत, रामलाल, ओमप्रकाश, दुर्गा लाल, प्रकाश, समता, सुगना, मेना, ललिता, सोहनी, पूजा सहित कई ग्रामवासी मौजूद थे।
झूठे मुकदमों से किया जाता परेशान
ग्रामवासियों का कहना है कि जिंदल शॉ लिमिटेड की ब्लास्टिंग के चलते गांव की फसले भी पूर्ण रूप से बर्बाद हो रही है जिनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। साथ ही पूर्व में कई बार शिकायत करने पर जिंदल शॉ लिमिटेड द्वारा झूठे मुकदमा दर्ज करवा कर नाजायज परेशान किया जाता है।
शिकायत के बाद भी निस्तारण नहीं
ग्रामवासियों का कहना है कि प्रशासन को शिकायत के बाद भी इसका निस्तारण नहीं किया गया। गांव से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर खनन होने लगा है। इस पीड़ा को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर खनन रोकने की मांग की। खनन नहीं रोकने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अब वहां महिलाएं धरने पर बैठ गई। नारायणपुरा (डेढ़वास) की महिलाओं की मांग है कि नुकसान का मुआवजा दिया जाए। गांव के हर घर से लोगों को रोजगार मिले। ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा।
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