चित्तौड़गढ़। जहां एक और प्रदेश सरकार ने खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने व अवैध खनन की गतिविधियों को रोकने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाया जा रहा है वहीं दूसरी और अवैध खनन माफिया तू डाल-डाल और में पात-पात की तर्ज पर अधिक खनन करने को आमादा है। ऐसा कहीं दूर नहीं बल्कि शहर के महज 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित गांव में देखने को मिल रहा है और इसे लेकर आज ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि शहर से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित देवरी ग्राम पंचायत का घाघसा गांव स्थित है जहां 70 प्रतिशत भील जनजाति की आबादी है, लेकिन यहां पर धन सम्पन्न और ऊंची पहुंच वाले कुछ लोग खनन करने पर उतारू है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि डांगी जाति के गहरी लाल, लच्छीराम, रतन लाल, चुन्नीलाल, भंवरलाल, मोती लाल आदि करीब सौ लोग हमसलाह होकर तलाई पर अवैध रूप से जेसीबी और ट्रेक्टर लगाकर उसे भर दिया है, वहीं सरकारी सम्पत्ति पर भी कब्जा करने को उतारू है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के देवनारायण मंदिर और माताजी के मंदिर के पास स्थित तलाई को गहरी लाल व उसके परिवार ने नष्ट कर दिया और उस पर निर्माण कर दिया।
रोकने पर दी धमकी :
ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामवासियों ने तलाई को काटने से रोका तो गहरी लाल ने पेट्रोल से घरों को आग लगाने की धमकी दी है।वहीं सरकारी भूमि का कब्जा भी खाली नहीं कर रहा है, वहीं उन्होंने बताया कि उक्त लोगों द्वारा असभ्य तरीके से जातिगत रूप से अपमानित किया जा रहा है और बेड़च नदी के किनारों पर भी खनन किया जा रहा है। हद तो यह है कि गांव के ही प्राकृतिक सम्पदा की और मिट्टी को खोद कर बेचा जा रहा है, वहीं पहाड़ और नदी का स्वरूप तक नष्ट कर दिया है। ग्रामीणों ने गांव की तलाई, पहाड़ और नदियों में किए जा रहे अवैध खनन और अनुसूचित जनजाति के लोगों पर की जा रही प्रताड़ना पर कार्यवाही करने की मांग की है।
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