निम्बाहेड़ा। शहर किराना एवं खाद्य व्यापर संघ पदाधिकारियों ने गुरूवार को केन्द्र सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं पर लगाए जा रहे जी.एस.टी. को लेकर प्रधानमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन में किराना एवं खाद्य व्यापार संघ अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने बताया की केन्द्र सरकार द्वारा आवश्यक खाद्य वस्तुओं पर जी.एस.टी. लगाने की तैयारी में है, यदि आवश्यक वस्तुओं जेसे खाद्यान्न, गेंहू, आटा, चावल पर विभिन्न प्रकार की रोजमर्रा में काम आने वाली खाद्यान्न वस्तुओं पर जी.एस.टी लागाई जाती है तो एक व्यापारी वर्ग तो प्रभावित होगा ही साथ ही इसका इसका सीधा सा नुकसान आमजनता को उठाना पडेगा। एक तरफ तो केन्द्र सरकार मंहगाई को कम करने में प्रयासरत है और दूसरी तरफ आवश्यक वस्तुओं पर जी.एस.टी लगाने से महगाई में बढ़ोतरी होगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं पूर्व वितमंत्री अरूण जेटली ने कई बार दोहराया है की आवश्यक वस्तुओं पर जी.एस.टी.नही लगाया जायेगा। भारत सरकार खाद्य वस्तुए उपलब्ध कराकर उनकी समस्या दुर करती है परन्तु भारत का 55 करोड़ मध्यमवर्गीय उपभोक्ता जिसमें छोटे छोटे ट्रेड व उद्योंग भी शामिल है। खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी लगाना कुठारघात होगा। आज के समय में ऑनलाइन व्यापार तेजी से बड रहा है। ऑनलाइन कम्पनी उपभोक्तओं को डिस्काउंट की लालच देती है जिससे व्यापारी अपना व्यापार खोता जा रहा है, लाखों लोग बेरोजगार हो चुके है। केन्द्र सरकार खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी लगाया जाता है तो छोटे उद्योग तबाह हो जायेगे व्यापारी के पास व्यापार नही रहेगा और वह बेरोजगार हो जाएंगे।
किराना एवं खाद्य व्यापार संघ इकाई निम्बाहेड़ा ने ज्ञापन के माध्यम से केन्द्र सरकार से आमजनता के हितो को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तुओं पर लगाए जा रहे जीएसटी को निरस्त करने की मांग की है। ज्ञापन के दौरान देवेन्द्र सालेचा, सतीष समदानी, राजेश मुन्दड़ा, करण सिंह छाजेड़, अशोक तेजीवत, मोहम्मद शाहिन छीपा, जे.पी पुर्सवानी, अक्षय मारू, मनीष सांड, अवि जैन सहित किराना एवं खाद्य व्यापार निम्बाहेड़ा के पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित थे।
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