मौलाना अशरफी का दूसरा उर्स सम्पन्न


चित्तौडगढ़। बूंदी रोड स्थित हज़रत मामू भान्जा की दरगाह पर मौलाना मोहम्मद इब्राहीम अशरफी का दूसरा उर्स क़ुल की रस्म के साथ बुधवार को सम्पन्न हुआ।
मौलाना जुबेर अशरफी ने बताया कि मेवाड़ के महान सूफी संत हज़रत हाफिज़ सय्यद सरदार अहमद क़ादरी चिश्ती अशरफी रहमतुल्लाह अलैह के नवासे हुज़ूर ताजुल फुक़हा मुहाफ़िज़े मिल्लत हज़रत मौलाना मोहम्मद इब्राहीम अशरफी रहमतुल्लाह अलैह के दूसरे उर्स में बुधवार सुबह 10 बजे से क़व्वाली का आयोजन किया गया ओर दोपहर एक बजे क़ुल की रस्म अदा की गई।।सज्जादानशीन मोहम्मद सलीम साहब अशरफी और सज्जादानशीन मोहम्मद यूसुफ साहब अशरफी की तरफ से मौलाना उमैर अशरफी और हाफिज़ सरदार अहमद अशरफी की दस्तारबंदी की गई।
हाफ़िज़ सरदार अहमद अशरफी (शोऐब), मौलाना ख़लील अहमद साहब बरकाती ने क़ुरआन की तिलावत की मौलाना अब्दुर्रशीद साहब बरकाती ने दुरुदे ताज पढ़ी, सज्जादानशीन मोहम्मद यूसुफ साहब अशरफी ने शिजरा पढ़ा और मौलाना मोहम्मद उमेर अशरफी और शहर क़ाज़ी अब्दुल मुस्तफा चिश्ती करीमी ने अपने मुल्क में अमन चैन खुशहाली व कौमी एकता की दुआ मांगी व उसके बाद लंगर तकसीम किया गया। इस मौके पर मौलाना जुनैद अशरफी, मौलाना उस्मान गनी अशरफी, क़ारी फ़ैज़ अहमद अशरफी, हाफिज जावेद, यूसुफ अशरफी, नसीम साहब बनेड़ा, हनीफ अशरफी निम्बाहेड़ा, आकिल खान, अहसान खान ,ज़ाकिर अशरफी, सलमान अशरफी, अशरफी युवा जमात के तमामी मेम्बरान व अशरफी साहब के कई मुरीदीन मौजूद थे।

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