चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ के गंगरार पंचायत
समिति के पूर्व प्रधान पर हुए फायरिंग के मामले में लोगों का विरोध बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने मामले के दो दिन बाद सोमवार रात को अजमेर से एफएसएल की टीम को बुलाकर मौके से सबूत जुटाए। जनप्रतिनिधियों सहित समाज के लोगों ने गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की धमकी दी थी। पंचायत समिति गंगरार के पूर्व प्रधान देवीलाल जाट पर फायरिंग के मामले में अभी तक आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन किया है। सोमवार रात को अजमेर से एफएसएल की टीम गंगरार पुलिस थाने पहुंची है। टीम ने कार की जांच करके सबूत जुटाए हैं। गंगरार पुलिस उप अधीक्षक सीताराम ने बताया कि देवी लाल जाट की ओर से गंगरार थाने पर मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों को नामजद करते हुए तलाश की जा रही है। एफएसएल यूनिट अजमेर के डॉ. कैलाशचंद्र और सहायक स्टाफने पुलिस प्रशासन की मदद करने के लिए तकनीकी सबूत एकत्रित किए।
घटना के बाद कई प्रदर्शन
देवीलाल जाट 16 सितंबर की रात को अपने हाईवे स्थित होटल से घर आ रहे थे। उनके दोस्त भी उनके साथ थे जो गाड़ी चला रहे थे। इसी दौरान गलत साइड से आती हुई एक स्कॉर्पियो गाड़ी आई। जिसमें 5-7 बदमाश सवार थे। उनमें से दो बदमाश बाहर निकले और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में पूर्व प्रधान और उनके दोस्त बाल बाल बचे। घटना के बाद से ही ग्रामीणों ने देर में रात तक थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया। अगले दिन पूर्व मंत्री, सांसद, जिला प्रमुख, विधायक
सहित कई भाजपा नेताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, जाट समाज और सोनियाणा गांव के लोगों का भी आरोश बढ़ता गया। पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने
पर बड़े आंदोलन की भी धमकी दी गई।
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