ओबीसी वर्ग के युवाओं को जाति प्रमाण पत्र प्रतिवर्ष नवीनीकरण कराने की समस्या से मिले निजात: विधायक आक्या


चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभानसिंह आक्या ने प्रदेश के ओबीसी वर्ग के युवाओं के लिए प्रतिवर्ष जाति प्रमाण पत्र नवीनीकरण की अनिवार्यता को समाप्त करने हेतु विधानसभा के प्रक्रिया संचालन नियमों के नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख प्रस्ताव रखा।
विधायक प्रवक्ता गिरीश दीक्षित ने बताया कि विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष 23 लाख नए ओबीसी प्रमाण पत्र सरकार द्वारा बनाए जा रहे हैं जबकि ओबीसी में शामिल 91 जातियों के 60 लाख युवाओं को प्रतिवर्ष इन प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण करवाना पड़ रहा है इस पर प्रति आवेदन लगभग 300 रुपये से ज्यादा खर्च के चलते ओबीसी युवाओं को प्रतिवर्ष नवीनीकरण हेतु लगभग 180 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। ओबीसी वर्ग के युवाओं को अपने विभिन्न कार्यों के चलते उक्त प्रमाण पत्र बनवाने हेतु लम्बी कतारों में लगकर लम्बी प्रक्रिया से गुजरने के साथ ही क्रीमीलेयर व नॉन क्रीमीलेयर प्रमाण पत्र का नवीनीकरण हेतु भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस परेशानी से निजात दिलाने हेतु विधायक आक्या ने विशेष उल्लेख प्रस्ताव के माध्यम से विधानसभा में मांग की है कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार आर्थिक पिछड़ा वर्ग की तर्ज पर प्रदेश में भी ओबीसी वर्ग के प्रमाण पत्र की वैधता 3 वर्ष के लिए की जानी चाहिए साथ ही जाति के स्थान पर केवल आय प्रमाण पत्र होना चाहिए जिसे भी 3 साल तक स्वघोषणा के आधार पर मान्य किया जाना चाहिए।

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