भर्ती परीक्षा पेपर लिक करने वाले दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने की मांग


चित्तौड़गढ़। 24 दिसम्बर को सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती जीके परीक्षा का पेपर होना था पर परीक्षा से पूर्व पेपर लीक हो जाने से राजस्थान सरकार द्वारा पेपर निरस्त किया गया। राजस्थान में जिस प्रकार से भर्ती परीक्षा के पेपर लीक किए जा रहे हैं उन दोषी व्यक्तियों पर शिकंजा कसने में सरकार विफल रही है, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में है। आज के समय मे गरीब किसान अपने बच्चों को बड़ी परेशानी से परीक्षा की तैयारी कराते हैं ओर बड़ी मुश्किल से युवा परीक्षा देने हेतु बसों ट्रेनों में सफर करके परीक्षा देने जाता है पर अंतिम समय पर पेपर लीक होने से हर युवा अपने आपको ठगा सा महसूस करता ओर पूरी तरह हताश हो जाता है। दुबारा इस प्रकार की घटना न हो उसके लिए ए.टी.ए.एस ग्रुप द्वारा यह मांग की जाती है कि पेपर लीक करने वाले दोषी व्यक्तियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाकर सजा दिलाई जावे व आरपीएससी चेयरमैन को अपने पद से निलंबित किया जावे साथ ही जिस प्रकार वर्तमान प्रदेश की सरकार में आए दिन व पूर्व में भी पुलिस, पटवारी, रीट व फारेस्ट गार्ड आदि के पेपर लीक हुए जिन पर भी शिकंजा कसने में सरकार विफल हुई है व प्रदेश में चरमराती कानून व्यवस्था के परीक्षा के पेपर लीक होना आम बात हो गई है ऐसे में शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस मौके पर रविशंकर माली, करण मालवीय रमेश सालवी, शांतिलाल लौहार ,दिनेश गवारिया, नन्दलाल रेगर, शंकरदास वैष्णव, गोपाल माली, नन्द किशोर लौहार, रामचंद्र माली (छोटू) अभिषेक आहूजा, राजेश मीणा, मुकेश सुथार, पवन कुमार भट्ट, ओम माली, रतन टेलर, चंचल जैन, हेमन्त भोई आदि उपस्थित थे।

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