●अपहर्ताओं के चंगुल से जान बचाकर भागा सुपरवाइजर
चित्तौड़गढ़। गंगरार थाना क्षेत्र में एक माइंस के सुपरवाइजर का अपहरण कर जमकर मारपीट करने का मामला सामने आया हैं । बदमाश लगभग तीन घंटे तब उसे मारते हुए अपनी गाड़ी में घुमाते रहे। रास्ते में एक जगह टॉयलेट के लिए गाड़ी रोकी तो सुपरवाइजर मौका देखकर भाग निकला और पुलिस को सूचना दी। पांच बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया हैं। पुलिस अपहरण से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही हैं।
ददिया में संचालित माइंस के कर्मचारी सोमवार रात सो रहे थे। इस दौरान लाठी, पिस्टल और सरिया लेकर आए गोवालिया निवासी बबलू पुत्र नंदा गुर्जर, कन्हैयालाल पुत्र प्रभु गुर्जर, ददिया निवासी सोनू पुत्र नंदा नायक, नायकों का खेड़ा निवासी देवीलाल पुत्र रतन लाल माली और राजू पुत्र देवी लाल माली ने सोते हुए गार्ड भंवरलाल पुत्र देवीलाल गुर्जर पर हमला कर दिया। पांचों ने मिलकर गार्ड के साथ जमकर मारपीट की। बीच-बचाव करने आए सुपरवाइजर नरेंद्र गुर्जर को आरोपियों ने पकड़ लिया और भंवरलाल को छोड़ दिया। इस दौरान आरोपी बार-बार माइंस के कर्मचारियों से हफ्ता वसूली की मांग करने लगे। ऐसे नहीं होने पर पिस्टल दिखाकर नरेंद्र गुर्जर को पांचों ने अपनी गाड़ी में बिठाकर कर ले गए।
हमलावर रास्ते में रूके तो सुपरवाइजर भागा
बदमाश किडनैपिंग के बाद रास्ते में लगातार मारपीट करते रहे। मोबाइल और रुपए भी छीन लिए। करीब 3 घंटे के बाद तुम्बाडिया और धुवालिया के बीच आरोपियों ने टॉयलेट के लिए गाड़ी को रोका। इस दौरान नरेंद्र गुर्जर मौके से भाग निकला और पास के ही गांव में जाकर मदद ली। ग्रामीणों से मांग कर पुलिस को फोन कर सारी बात बताई। मौके पर पुलिस भी पहुंची और नरेंद्र गुर्जर को थाने लेकर आई।
दो महीने पहले भी दी थी धमकी
पुलिस ने नरेंद्र गुर्जर के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया और आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें नरेंद्र गुर्जर को जबरदस्ती ले जाते हुए देखा गया। पुलिस इसके आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि 2 महीने पहले इन आरोपियों ने मैनेजर मांगीलाल गुर्जर को हफ्ता वसूली के लिए धमकाया था। उस समय मौखिक रूप से पुलिस को जानकारी दी गई थी। पुलिस ने भी समझा कर उन्हें पाबंद कर दिया था। माइंस में माइनिंग का काम इसी साल के अप्रैल महीने से शुरू किया गया था, जिसके बाद से ही यह आरोपी लगातार कर्मचारियों को परेशान कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी मैनेजर मांगीलाल गुर्जर को किडनैप करने आए थे, लेकिन गार्ड का बचाव करते-करते नरेंद्र गुर्जर आरोपियों के चंगुल में फंस गया।
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