अधिसूचित रबी फसलों का 31 दिसम्बर तक किसान करवा सकेंगे बीमा

चित्तौड़गढ़। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत इस बार जिले में रबी सीजन की 7 फसलों को अधिसूचित किया गया है। गेहूं, सरसों, जौ, चना, ईसबगोल, मैथी एवं धनिया फसल का किसान 31 दिसंबर तक बीमा करवा सकेंगे। इस बार बीमा की प्रीमियम राशि गेहूं में 1371.81 रूपये, सरसों में 1536.27 रूपये, जौ में 917.01 रूपये, चना 1327.83 रूपये, ईसबगोल 5515.60 रूपये, मैथी में 3707.20 रूपये, एवं धनिया फसल 6158.65 रूपये प्रति हैक्टेयर कृषक द्वारा प्रीमियम देना होगा। 
सहायक निदेशक कृषि विस्तार दिनेश कुमार जागा ने बताया कि तहसील स्तर और पटवार स्तर पर फसलों को अधिसूचित किया गया है। बडीसादडी तहसील में चना, सरसों और गेहूं को पटवार स्तर बेंगू तहसील में सरसों, चना गेहूं को पटवार स्तर और जौ, एवं इसबगोल को तहसील स्तर, भदेसर तहसील में गेहूं चना को पटवार स्तर और जौ, एवं सरसों को तहसील स्तर, भोपालसागर तहसील में गेहूं, चना को पटवार स्तर और जौ एवं संरसों को तहसील स्तर, चित्तौडगढ़ तहसील में गेहूं को पटवार स्तर और जौ चना एवं सरसों को तहसील स्तर।
इसी प्रकार डूंगला तहसील में चना, सरसों, गेहूं को पटवार स्तर, जौ, को तहसील स्तर, गंगरार तहसील में गेहूं चना को पटवार स्तर जौ, व सरसो फसल को तहसील स्तर, कपासन तहसील में गेहूं चना को पटवार स्तर और जौ, इसबगोल एवं सरसों को तहसील स्तर, निम्बाहेडा तहसील में चना सरसों एवं गेहूं को पटवार स्तर और इसबगोल जौ एवं मैथी को तहसील स्तर, राशमी तहसील में गेहूं चना को पटवार स्तर रावतभाटा तहसील में चना, सरसों व गेहूं को पटवार स्तर और धनिया को तहसील स्तर, बस्सी तहसील में गेहूं को पटवार स्तर और सरसौ को तहसील स्तर पर अधिसूचित किया गया है। 

इसके साथ किसान पूर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजनान्तर्गत उद्यानिकीय फसलें आंवला में 3200 रूपये, अमरूद में 3279.45 रूपये, नींबू में 2475 रूपये, आम में 5600 रूपये, बैंगन में 5000 रूपये, फूलगोभी में 4671.5 रूपये, लहसुन में 5017.85 रूपये, प्याज 4462.50 रूपये, मटर में 4322.50 रूपये, टमाटर 4584.90 रूपये प्रति हैक्टयर प्रिमियम देय है। उद्यानिकी अधिसूचित फसलों की बीमा ईकाई गिरदावर सर्कल है। बीमा हेतु चित्तौड़गढ़ जिले में रबी 2023-24 हेतु एग्रीकल्चर इश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, जयपुर को अधिकृत किया गया है।

 बीमा कवर -
●खड़ी फसल (बुवाई से कटाई) में सुखा, लम्बी सूखा अवधि, बाढ़, जल प्लावन, कीट व्याधि, भू स्खलन, बिजली गिरने से प्राकृतिक आग, तूफान, ओलावृष्टि और चकवात से होने वाली उपज में नुकसान के लिए व्यापक जोखिम बीमा (राज्य सरकार द्वारा सम्पादित फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज आंकडों के आधार पर)

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