●गैर ऋणी कृषक भी अधिक से अधिक बीमा करावें
चित्तौड़गढ़। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत इस बार जिले में गेहूं, सरसों, जौ, चना, इसबगोल, मेथी एवं धनिया फसल का किसान 31 दिसम्बर तक बीमा करवा सकेंगे।
खड़ी फसल (बुवाई से कटाई) में सूखा, लम्बी सूखा अवधि, बाढ़, जल प्लावन, कीट व्याधि, भूस्खलन, बिजली गिरने से प्राकृतिक आग, तूफान, ओलावृष्टि और चक्रवात से होने वाली उपज में नुकसान के लिए व्यापक जोखिम बीमा शामिल हैं।
फसल कटाई उपरान्त आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने हेतु रखी गई कटी हुई अधिसूचित फसल की क्षति होने की स्थिति में फसल का आकलन व्यक्तिगत बीमित फसल के कृषक स्तर पर किये जाने का प्रावधान है।
अगर कोई किसान फसलों का बीमा नहीं करवाना चाहता है तो उनको 24 दिसम्बर तक बैंक शाखा में लिखित में सूचना देनी होगी। इसी तरह ऋणी काश्तकार फसलों में परिवर्तन की सूचना 29 दिसंबर तक दे सकेंगे। गैर-ऋणी काश्तकार भी प्रीमियम राशि निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर योजना में शामिल हो सकते है। इस हेतु किसान द्वारा नवीनतम जमाबन्दी की प्रतिलिपि, स्वयं प्रमाणित आधार प्रतिलिपि, स्वयं प्रमाणित बुवाई प्रमाण पत्र, स्वयं प्रमाणित बैंक पासबुक आदि दस्तावेज जमा करावें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से फसल बीमा करवाने के दौरान पूरे दस्तावेज जांचने की अपील की है ताकि पोर्टल पर अपलोड करते समय कोई गलती ना रहे। अगर बैंक खाता सहित अन्य किसी प्रकार की त्रुटि रहने पर इसमे परिवर्तन नहीं हो सकेगा।
फसल की क्षति की सूचना यहां दे
फसल कटाई उपरान्त आगामी 14 दिनों तक खेत मे सुखाने हेतु रखी गयी कटी हुई अधिसूचित फसल को क्षति होने की स्थिति में फसल नुकसान की सूचना आपदा के 72 घंटे में कम्पनी के टोल फ्री नम्बर पर 18001809519 अथवा क्रॉप इंश्योरेंस एप्प अथवा लिखित में बैंक, कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सूचित करना आवश्यक है।
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