अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा की विधि पूरी, रामलला के सामने दंडवत हुए पीएम मोदी

अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर के उद्घाटन और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आज शुभ मुहूर्त में संपन्न हो गया। यजमान बनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की मौजूदगी में शुभ मूहुर्त के हिसाब से मंदिर के गर्भगृह में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित और गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने प्राण प्रतिष्ठा की वैदिक प्रक्रिया संपन्न कराई और रामलला बरसों बाद अपने मूल स्थान पर स्थापित हुए। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी रामलला के सामने दंडवत नजर आए। उन्होंने दंडवत होकर रामलला की स्तुति की। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। 
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के मौके पर देशभर के गणमान्य अतिथि भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे। लेकिन प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान मंदिर के गर्भगृह में सिर्फ पांच लोग ही मौजूद थे। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और पंडित शामिल थे।
मालूम हो कि पीएम मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा से पहले ग्यारह दिन का तप किया था। सोमवार को पीएम मोदी हाथों में पूजा की सामग्री लेकर मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचे थे। इसके बाद पीएम ने पूजन में हिस्सा लिया और आराध्य श्रीराम को कमल के फूल चढ़ाए। शुभ मूहुर्त में प्रतिष्ठा संपन्न होने करीब आधे घंटे तक पीएम रामलला के गर्भगृह में रहे और पूजा-अर्चना किया।
सुनहरी रंग का कुर्ता, क्रीम रंग की धोती और उत्तरीय पहने प्रधानमंत्री मोदी नवनिर्मित राम मंदिर के मुख्य द्वार से अंदर तक पैदल चलकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे और गर्भगृह में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री इस दौरान अपने हाथ में लाल रंग के कपड़े में लिपटा हुआ चांदी का छत्र भी लेकर आए।
प्राण-प्रतिष्ठा के बाद क्या बोले पीएम मोदी
सेना के हेलीकॉप्टरों ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बीच अयोध्या में राम मंदिर पर पुष्प वर्षा की। प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा पर कहा कि इस दिव्य समारोह का हिस्सा बनना बड़े सौभाग्य की बात है। अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा एक अभूतपूर्व और भावुक क्षण है।

रामलला की गर्भगृह में हुई स्थापना

राम मंदिर के गर्भगृह में भगवान रामलला के श्यामल रंग की 51 इंच की प्रतिमा को विराजित किया गया है। जो भगवान राम के पांच वर्षीय बाल स्वरूप की है। इसका वजन 200 किलोग्राम है। पीएम मोदी ने पूरे विधि विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा के सभी अनुष्ठान किए। जिसके बाद रामलला गर्भगृह में स्थापित हो गए हैं। 23 जनवरी से श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए आज सकेंगे। मंगलवार से अयोध्या में बड़ी संख्या में रामभक्त अयोध्या पहुंचेंगे।

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