चित्तौड़गढ़। यदि आप भी सड़क पर कहीं पर सामान बेच रहे हो और कोई फोन पर फर्जी अधिकारी बनकर आपको किसी स्थान पर बुलाए तो सावधान हो जाए क्योंकि अब ऐसे करके भी लोगों के साथ ठगी की जा रही हैं। ऐसा ही एक मामला आज चित्तौड़गढ़ में देखने को सामने आया हैं। पीड़ित सड़कों और गांवों में फेरी लगाकर कुर्सियां बेचने का काम करता हैं उसके साथ 46 हजार से अधिक की ठगी हुई हैं। दरहसल मामला कुछ यूं हें कि आज सुबह महेंद्र बंजारा और उसका भाई गोविंद बंजारा निवासी मिश्रों की पिपली से आकर शहर में प्लास्टिक की कुर्सियां बेच रहे थे। इसी दौरान उसे कॉल आया और अपने आपको रिटायर्ड आर्मी बताते हुए महेंद्र बंजारा को 10 प्लास्टिक की कुर्सियां की मांग की और दोनों के बीच 10 कुर्सियां का 2600 रुपए में सौदा तय किया। उसे 10 कुर्सियां चित्तौड़ शहर के मेवाड़ गर्ल्स कॉलेज के बाहर लेकर बुलाया। जब महेंद्र बंजारा 10 कुर्सियां लेकर मेवाड़ गर्ल्स कॉलेज के बाहर पहुंचा और उसे कॉल किया तो अपने आपको रिटायर्ड आर्मी का जवान बताने वाले ने महेंद्र बंजारा को कॉलेज के बाहर ही रुकने को कहते हुए उसने फोन पे के नम्बर मांगे तो महेंद्र बंजारा ने उसके फोन पे नही चलने की बात कहते हुए उसके भाई गोविंद बंजारा के फोन पे नम्बर दिए। गोविंद बंजारा के नम्बर पर पहले एक रुपए और फिर दो रुपए ट्रांसफर किए। फिर जालसाजों ने आर्मी ट्रेवल के नाम से बार कोड़ भेजे। जालसाजों ने गोविंद को व्हाट्सएप पर भेजे बारकोड को फोन पे में स्कैन करने को कहा, वैसे-वैसे गोविंद करता गया। गोविंद को जालसाजों ने 6 बार अलग-अलग रुपए डालकर बारकोड भेजे। जालसाजों ने 2000, 2600, 7000, 7000, 14000, 14000 के बार कोड़ भेज कर गोविंद को फोन पे में स्कैन करने को बोला। गोविंद ने बताया कि करीब आधे घण्टे तक उसे फोन पर उलझाएं रखा। जालसाजों ने फोन पे पर बारकोड़ भेज कर गोविंद को कहते रहे खाते में पैसे आए क्या... गोविंद कहता रहा कुर्सियों के पैसे नही आए... फिर दूसरा बारकोड भेजा ऐसे 6 बार फोन पे पर बारकोड़ स्कैन करवा दिया। गोविंद बंजारा के फोन पे से 46 हजार 600 रुपए जालसाजों ने निकाल लिए। फिर थोड़ी देर बाद उसे कॉल किया तो उसने फोन पर रिप्लाई नही दिया। उसने मेवाड़ गर्ल्स कॉलेज के बाहर सिक्युरिटी गार्ड से पूछा तो उन्होंने कहा यहां तो इस नाम का कोई नही रहता हैं। यह सुनते ही दोनों भाइयों के पैरों तले जमीन खिसक गई। फिर गोविंद ने वापस कॉल किया तो जालसाजों ने कहा कि वह जोधपुर निकल गया हैं उसका घर का एड्रेस भेज देवें उसके घर पर वापस पैसे भेज देगा। जब उन्हें ठगी का मालूम हुआ तो दोनों भाई शहर कोतवाली थाने गए लेकिन वहां किसी ने उनके साथ हुई ठगी की रिपोर्ट नही ली। इसके बाद महेंद्र व गोविंद बंजारा ने ऑनलाइन साइबर क्राइम में रिपोर्ट दर्ज करवाई हैं।
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