चित्तौड़गढ़। जिले में लघु एवं सीमान्त किसानों की आय में बढोतरी हो तथा किसानों का सर्वांगीण विकास के लिए जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फाउण्डेशन ट्रस्ट मद से मटर सब्जी उत्पादन पायलट प्रोजेक्ट जिले में पहली बार शुरू किया जा रहा है।

तीन पंचायत समितियों में पायलट प्रोजेक्ट  पायलट प्रोजेक्ट के अन्तर्गत जिले की निम्बाहेडा, चित्तौडगढ़ एवं बेगूं पंचायत समिति के 500-500 लघु एवं सीमान्त किसानों को जिन्होने कभी सब्जी उत्पादन की खेती नहीं की हो उनका चयन कर उन्नत कृषि तकनिकी के साथ मटर सब्जी का उत्पादन कराया जाएगा।

कृषकों के चयन की ये प्रक्रिया

कृषकों के चयन की कार्यवाही क्षेत्र में कार्यरत सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक के द्वारा संचालित की जा रही है। लघु एवं सीमान्त कृषक जिन्होंने कभी सब्जी उत्पादन नहीं किया है और वो सब्जी उत्पादन करने में रूचि रखते है तथा जिनके पास सिंचाई के साधन की सुविधा उपलब्ध हो वो कृषक आवेदन करने हेतु अपने आधार कार्ड की फोटो प्रति, पासपोर्ट साइज का एक फोटो एवं बोये जाने वाले खेत की जमाबंदी की छायाप्रति साथ लेकर क्षेत्र के सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक से सम्पर्क करें। क्षेत्र में कार्यरत कृषि कार्मिकों की निगरानी एवं मार्गदर्शन में बुवाई की जाएगी।
 
बीज, खाद और कीटनाशी उपलब्ध कराएंगे

उप निदेशक कृषि (विस्तार)  डॉ. शंकर लाल जाट ने बताया कि चयनित कृषकों को 0.1 हेक्टेयर क्षेत्रफल हेतु मटर का उन्नत बीज, जैविक कल्चर, उर्वरक, आवश्यकतानुसार कीटनाशी रसायन उपलब्ध कराया जाएगा। चयनित कृषकों को स्वयं के स्तर से जैविक खाद (गोबर की खाद) का कृषि कार्मिकों के दिशा-निर्देशानुसार खेत में उपयोग करना होगा।