इसके बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए मंच के राष्ट्रीय संयोजक अबू बकर नकवी ने बताया कि आजादी के बाद से एक पार्टी के द्वारा मुस्लिम समुदाय के लोगों का उपयोग किया गया है, जिसका नतीजा यह हुआ कि उन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा देकर आरक्षण सहित हर तरह की सुविधाओं से वंचित रखा गया है और आज तक अल्पसंख्यक का लेबल मुस्लिम समुदाय पर लगा हुआ है। वहीं उन्होंने कहा कि मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रेश कुमार के निर्देशानुसार अब मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को संभाग स्तर, जिला स्तर के बाद अब ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने के लिए बैठकों का दौर प्रारंभ हुआ है। इसी के अंतर्गत आज बैठक का आयोजन किया गया, वहीं उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच संघ के बताए हुए मार्गदर्शन पर चलता है लेकिन उसकी विचारधारा को नहीं अपनाता संघ की ओर से यह कभी नहीं कहा गया कि मुस्लिम समुदाय इस देश का नागरिक नहीं है। हमेशा से संघ का और मंच की विचारधारा यही है कि मुस्लिम समाज इस देश का अभिन्न अंग है और रहेगा। उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम समुदाय के लिए यह बदलाव करने का समय चल रहा है और समय के साथ बदलाव करने से ही समाज की विचारधारा बदलेगी। वहीं उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ रहे मुस्लिम समाज में शिक्षा की जागृति लाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए समाज के लोगों को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के साथ जोड़कर समाज के युवाओं में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए प्रयासों में तेजी लाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष बने थे उस समय बोर्ड की स्थिति बहुत ज्यादा दयनीय थी। इसके सुधार के लिए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मदरसा के लिए विशेष बजट आमंत्रित करवाया था। उसी की बदौलत है कि आज मदरसों में स्तर की शिक्षा के साथ तकनीकी शिक्षा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
इस अवसर पर मंच के प्रदेश संयोजक आबिद शेख, पार्षद हरीश ईनाणी, मंच के हाजी सलीम ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस बैठक में मंच से जुड़े
उदयपुर जिला संयोजक मोहम्मद इस्माइल, राजसमंद जिला संयोजक मोहम्मद शफी छिपा, जिला संयोजक डूंगरपुर मकबूल अहमद, चित्तौड़ जिला संयोजक शकील अहमद, कप्रतापगढ़ जिला संयोजक सिराज खान, प्रदेश सह संयोजक राजस्थान इरशाद चौन वाला, संभाग संयोजक कोटा इरशाद अली, संभाग संयोजक उदयपुर एडवोकेट नईम शेख, प्रदेश कोषाध्यक्ष हाजी मोहम्मद सलीम छिपा, मोहम्मद गौस मोहम्मद, यूनुस राजू शालीमार, मोहम्मद हुसैन कुरेशी, मुन्ना भाई मोहम्मद, इरशाद छिपा मौजूद रहे।
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