चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर अरविंद कुमार पोसवाल के निर्देशानुसार जिले में 7 से 9 अक्टूबर को मानसून पश्चात बरसात से खरीफ फसल को नुकसान का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के मुताबिक अधिकांश किसानों द्वारा फसल सोयाबीन की कटाई कर ली गई तथा सूखने के लिये खेतों में रखने से सोयाबीन का दाना खराब या सड गया तथा अंकुरित होने से दाने की गुणवत्ता खराब होने से कृषकों को आर्थिक नुकसान होगा। क्षेत्र में कुछ कृषकों द्वारा सोयाबीन नही काटी गई, उस फसल में भी काटते समय फलियाँ छिटकने से नुकसान होने की आशंका है। कृषि आयुक्तालय जयपुर से खराबे का आकलन करने के लिए भीमाराम, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) जिले के प्रवास पर है। पंचायत समिति गगंरार के साडास, तुम्बडिया, घोली, रूपाखेडा आदि गांव में किसानों के साथ खेत में कटी फसल सोयाबीन, मक्का एवं मुंगफली फसलों का अवलोकन किया गया। अवलोकन के दौरान फसल सोयाबीन एवं मक्का की कटाई उपरान्त सूखने के लिए रखी हुई थी, जिसमें दाना अंकुरित होता देखा गया।
ग्राम पंचायत तुम्बडिया के गाँव घोली में खेत में मूंगफली फसल की बुवाई तथा मक्का खेत में पानी भरा देखा गया। ग्राम रूपाखेडा में खेतो में पानी भरा होने से फसल सोयाबीन में नुकसान देखा गया।
मंगलवार को पंचायत समिति निम्बाहेडा के डला उर्फ किशनपुरा एवं मरजीवी में खेतों का अवलोकन किया गया। यहां सोयाबीन, मूंगफली एवं मक्का फसलों में नुकसान पाया गया।
बीमा कंपनी को तुरंत दें खराबे की सूचना
अतिरिक्त निदेशक, कृषि (अनुसंधान) ने अपील की है कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री मंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत अधिसूचित फसलों का बीमा करवा रखा है वे सभी किसान बीमा कम्पनी युनिर्वसल सोम्पो जनरल इन्श्यारेन्स क. लि, के टोल फ्री नम्बर 18002005142 पर शीघ्र ही (72 घण्टे में) शिकायत दर्ज करवाएं या स्थानीय कृषि विभाग के कार्यालय में बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि को फार्म भर कर प्रस्तुत करें। सर्वे के दौरान कृषि विभाग से डॉ. शंकर लाल जाट, उपनिदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद्, सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) कपासन जितेन्द्र कुमार नोग्या, कृषि अनुसंधान अधिकारी (शष्य) रमेश आमेटा, सहायक कृषि अधिकारी साडास कानसिंह राणावत, सहायक कृषि अधिकारी निम्बाहेडा द्वित्तीय शांतिलाल खटीक एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि चरण सिंह एवं गम्भीर जाट उपस्थित थे।
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