चित्तौड़गढ़। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर परंपरानुसार शक्तिपीठों पर यज्ञ, हवन, महाआरती सहित विविध धार्मिक आयोजन अनवरत चल रहे हैं, जिसमें शामिल होने के लिए हजारों द्वारा रोजाना माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। शारदीय नवरात्रि के अष्टमी पर जिले भर में माता के मन्दिरों पर श्रद्धालुओं का ज्वार उमड़ पड़ा, जो पूरे दिन बना रहा। वहीं सोमवार को अमावस्या से नवरात्रि शुरु करने वाले शक्तिपीठों पर पूर्णाहूति यज्ञ कर नवरात्रि सम्पन्न कराई गई।
धार्मिक मान्यतानुसार वैसे तो नवरात्रि के पूरे 9 दिन तक माता के मंदिरों में विविध धार्मिक आयोजनों का क्रम चलता रहता है। लेकिन इन दिनों में आने वाली विशेष तिथियों का विशेष महत्व माना जाता है। शारदीय नवराात्रि पर सोमवार को अष्टमी पर शक्तिपीठों पर हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। दुर्ग पर कालिका माता मंदिर में रविवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया, पूरे दिन चले दर्शनों के क्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। इस मौके पर मेवाड़ राज परिवार की ओर से कालिका माता मन्दिर में यज्ञ कराया गया, जिसमें पं. कमलेश भट्ट ने वैदिम मंत्रोच्चार के साथ विधि विधिविधान से आहुतियां दिलाई। वहीं बायणा माता, अन्नपूर्णा माता में पूर्णाहुति यज्ञ के साथ नवरात्रि का समापन किया गया। इसी तरह जोागणिया माता, झांतला माता सहित कई मन्दिरों में पूर्णाहूति के साथ समापन हुआ। इस दौरान दुर्ग पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने से कई बार यातायात जाम जैसे हालात पैदा हो गए, लेकिन यातायात पुलिस के जवानों ने वाहनों को जाम से बाहर निकाला। नवरात्रि के अवसर पर कालिका माता मंदिर में महंत राम नारायण पुरी के निर्देशन में मंगलवार को पूर्णाहूति यज्ञ के साथ नवरात्रि सम्पन्न होगी।
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