सांवलियाजी (उमेश तिवारी)- भदेसर कस्बे के पागडा घाटी के आगे निंबाहेड़ा रोड पर हर दिन वन विभाग की जमीन कब्जा करके भूखंड बेचे जा रहे है इस सरकारी भूमि के अब तक लाखों रुपए के लेनदेन होते रहे ग्राम पंचायत द्वारा दो वर्ष से लगातार वन विभाग तथा जिला प्रशासन से इस भूमि का सीमांकन कराने तथा कब्जे में लेने के लिए कई बार मांग करने के बाद भी आज दिन तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया अब तक यहां पर दर्जनों पक्के निर्माण हो चुके हैं तथा कच्चे अतिक्रमण की तो अनगिनत संख्या पहुंच चुकी हैं जानकारी के अनुसार भदेसर लसडावन निंबाहेड़ा सड़क मार्ग पर अंबेडकर छात्रावास व ग्राम न्यायालय से सटी वन विभाग की करोड़ों रुपए की बेशकीमती भूमि जो राजस्व रिकॉर्ड में 28 हेक्टर 43 आरी खसरा संख्या 818 में दर्ज है
जब से यहां ग्राम न्यायालय व अंबेडकर छात्रावास सहित सरकारी भवनों का निर्माण हुआ इसके बाद इस भूमि पर अतिक्रमण तथा कब्जा धारियों की नजर गड़ गई पिछले 7 वर्षों से इस वन विभाग की भूमि पर हर दिन नए कब्जे हो रहे हैं लाखों की जमीन कब्जा धारी कोड़ियों के भाव बेच रहे हैं तथा कई ऐसे परिवार हैं जो भदेसर कस्बे में मकान बेचकर यहां मकान बनाने में जुटे हुए हैं इस संबंध में ग्राम पंचायत ने 2020 में यह पता चला कि यह भूमि वन विभाग के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है तो इस संबंध में ग्राम पंचायत ने सरपंच सहित पूरी कोरम वन मंडल अधिकारी के यहां उपस्थित होकर सीमा जानकारी मांग करते हुए इस भूमि को वन विभाग के कब्जे में लेने की मांग की थी इसके बाद ग्राम पंचायत ने इस अधिकारी को लिखित में कई पत्र भी दिए लेकिन एक भी पत्र का जवाब आज दिन तक नहीं आया नहीं वन विभाग ने इस संबंध में कोई रुचि दिखाई इधर सरपंच रतन कंवर एक बार तत्कालीन जिला कलेक्टर से भी भेंट कर वन विभाग की भूमि अपने कब्जे में लेने की मांग उठाई लेकिन विभाग का दो वर्ष बाद भी इस भूमि से कब्जा हटाने के सार्थक प्रयास नहीं किया अब हालात यह हो गये कि प्रभावशाली लोग सड़क से सटी करोड़ों की भूमि को कब्जाने में लगे हुए हैं।
कार्रवाई की फैक्ट फाइल.. 6 जुलाई 2020 को ग्राम पंचायत की पूरी कोरम वन मंडल अधिकारी के समक्ष पेश होकर सीमा जानकारी की मांग, 23 सितंबर 2020 को वन मंडल अधिकारी को रिमाइंडर पत्र, 6 अक्टूबर 2020 को ग्राम पंचायत द्वारा कोरम में जमीन पर कब्जा करने का प्रस्ताव, 23 सितंबर 2022 को जिला कलेक्टर को वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जों के बारे में लिखित शिकायत के अलावा संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत
क्या कहती है सरपंच..
सरपंच रतन कंवर का कहना है कि अगर एक पखवाड़े में वन विभाग व जिला प्रशासन इस भूमि को कब्जे में लेकर अतिक्रमण नहीं हटाता है तो जनता धरना देगी तथा जनहित याचिका के माध्यम से उच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे।
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