चित्तौड़गढ़। मेेवाड़ यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग विभाग के स्टूडेंट्स ने सिस्टेक इंजीनियरिंग काॅलेज गांधीनगर में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित टेक स्किल एक्सपों निर्माण में 68 टीमों के बीच दूसरा सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। यह पुरस्कार उन्हें रोबोटिक्स और ड्रोन श्रेणी में अपने नवीन वैज्ञानिक विचारों के प्रदर्शन के आधार पर मिला। इस मौके पर स्टूडेंट्स ने प्रोजेक्ट के जरिए हवा मेें उड़ते हुए ड्रोन के स्वयं चार्ज किए जाने का प्रदर्शन किया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने काफी सराहा। इस कामयाबी से स्टूडेंट्स काफी उत्साहित है। पुरस्कार पाने वालों में दो स्टूडेंट्स एएमई और एक सीएसई विभाग से शामिल है। इस मौके पर देश के विभिन्न राज्यों के विश्व विद्यालय से पहुंचकर प्रतिभागियों ने भाग लिया था।
इंजीनियरिंग विभाग के डिप्टी डीन कपिल नाहर ने बताया कि सिस्टेक इंजीनियरिंग काॅलेज गांधीनगर भोपाल द्वारा 28 और 29 मार्च को राष्ट्रीय स्तर का एक टेक स्किल एक्सपों “निर्माण” प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। जिसमें एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख गरिमा गर्ग के मार्गदर्षन में स्टूडेंट्स ने मेवाड़ विष्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतियोगिता में एएमई विभाग से सेजल साहनी और नाइजीरियन स्टूडेंट युनाना विजेता तिकोरी वहीं सीएसई विभाग से आकृति कुमारी ने भाग लिया और रोबोटिक्स व ड्रोन श्रेणी में अपने नवीन वैज्ञानिक विचार का प्रदर्शन कर द्वितीय सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख गरिमा गर्ग ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने प्रोजेक्ट के जरिए बताया कि ड्रोन किस प्रकार हवा में उड़ते हुए स्वयं को चार्ज करते हुए लंबी उड़ान भर सकता है। इसके अलावा रोबोटिक्स और ड्रोन के भागों संबंधी तकनीकी और सूक्ष्म जानकारी भी प्रदान की।
वहीं इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में इंजीनियरिंग विभाग के डीन डाॅ.आर.राजा, सहायक प्रोफेसर मृदुला और डीन एकेडेमिक्स डी.के शर्मा की भी सहभागिता रही। राष्ट्रीय स्तर के मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वाइस चांसलर डाॅ. आलोक मिश्रा ने उनको बधाई दी।
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