डेढ़ साल सरकार में थे, तब सचिन पायलट ने क्यों नही उठाये मुद्दे, आलाकमान को भेजा जवाब

जयपुर। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के अनशन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहली बार खुलकर अपनी राय रखी है। इस मामले पर उन्होंने कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के जरिए आलाकमान को जवाब भेजा है और पायलट पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए हमला बोला है।
पायलट का कहना था कि पिछली वसुंधरा सरकार के समय हुए 45 हजार करोड़ के खान घोटाले सहित अन्य भ्रष्टाचार की जांच सीएम अशोक गहलोत ने नहीं कराई। इसे लेकर उन्होंने 11 अप्रैल को अनशन भी किया था। इस पूरे मामले में गहलोत अब तक चुप्पी साधे रहे।

गहलोत ने अपने जवाब में कहा- पायलट अनशन पर क्यों बैठे, यह समझ से परे है। जिन मुद्दों की वे बात कर रहे हैं, उन सभी पर सरकार कार्रवाई कर चुकी है। या तो पायलट को जानकारी नहीं है या फिर वो जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। डेढ़ साल तक सरकार में रहते हुए कभी पायलट ने ये मुद्दे नहीं उठाए। साढ़े चार साल तक इन आरोपों पर चुप रहे।
गहलोत ने अपने जवाब में कहा- पायलट अनशन पर क्यों बैठे, यह समझ से परे है। जिन मुद्दों की वे बात कर रहे हैं, उन सभी पर सरकार कार्रवाई कर चुकी है। या तो पायलट को जानकारी नहीं है या फिर वो जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। डेढ़ साल तक सरकार में रहते हुए कभी पायलट ने ये मुद्दे नहीं उठाए। साढ़े चार साल तक इन आरोपों पर चुप रहे।

खनन आवंटन तो कांग्रेस के दबाव में भाजपा सरकार के दौरान ही रद्द कर दिए थे। तब कई लीजधारक हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने 20 फरवरी 2020 को आदेश दिए कि 3 वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाकर समीक्षा की जाए। इस समिति ने भी आवंटन निरस्त करने की अनुशंसा की। लोकायुक्त जांच और सिफारिश के बाद 55 अफसर-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर 91 कार्रवाई की गईं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ