कपासन। प्रख्यात सूफी संत हज़रत दीवाना शाह साहब र.अ. का 82वां तीन दिवसीय उर्स का आगाज़ अताऐ रसूल हज़रत गरीब नवाज़ र.अ. की छठी शरीफ की महफिल में कुरआन शरीफ की आयत सुरह रहमान से प्रातः 9 बजे हुआ।
दरगाह वक्फ कमेटी के सैक्रेट्री मोहम्मद यासीन खाँ अशरफी के अनुसार बाबा हुजूर का 82वां उर्स का आगाज़ शाही महफिलखाना मे गुरूवार सुबह 9 बजे हज़रत गरीब नवाज र.अ. की छठी की महफिल से हुआ। मौलाना अन्सारूल हक ने तिलावते कलामे पाक की। हाजी मोहम्मद सईद अंसारी की दीवाना महफिल पार्टी ने मीलादे पाक सरकारे दो आलम स.अ.व. पढ़ी व फातिहा ख्वानी हुई। बारी-बारी 21 कव्वाल पार्टियों ने अपने कलाम जोहर की अजान तक पेश किए। आस्ताना ए आलिया के दक्षिण जानिब राज बैण्ड उदयपुर ने अपने अंदाज मे सलामी पेश की, बुलन्द दरवाजे पर शहनाई वादन शुरू हुआ।
82वें उर्स में दरगाह शरीफ के बाहर बुलन्द दरवाजे के बायी ओर अस्थाई पुलिस चोकी कायम की गई है। अस्थाई डिस्पेन्सरी मे 24 घंण्टे कार्य के लिए डॉ. आमीर के सानिध्य मे डॉ. नरोत्तमपाल सिंह, डॉ. भावीका के साथ ही अन्य कर्मचारी कार्यरत रहेगे। नायब तहसीलदार राधाकिशन विजयवर्गीय के अधीन भू.अ.नि., ज्वाला प्रसाद कलाल, मोहम्मद हारून, मनीष कुमार व्यास के अधीन पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो शांति एवं कानून व्यवस्था आदि से सम्बन्धित सूचनाए कार्यपालक मजिस्ट्रेट तक पहुँचायेंगे पलिस व्यवस्था में तीन थानों के थानाधिकारी सहित 109 पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात किया गया है। फायर बिग्रेड के कुलदीप के साथ ही दुसरे कर्मचारियो ने भी कार्य संभाल लिया है 24 घंण्टे फायरबिग्रेड तैनात रहेगी।
उपखण्ड अधिकारी अर्चना बुगालिया, डी.वाई.एस.पी. बुद्धराज टांक, सी.आई. गजेन्द्र सिंह के साथ ही अन्य अधिकारियों ने दरगाह शरीफ का पुरा निरक्षण कर व्यवस्था के दिशानिर्देश दिए।
राजस्थान वक्फ बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ जयपुर के सदस्य शब्बीर शैख ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर भीलवाड़ा दाई हलीमा ट्रस्ट के अध्यक्ष रफीक भाई आपके साथ थे।
25 अगस्त बाद नमाज ईशा के महफिले मिलाद व कव्वाली होगी रात्रि तड़के 3ः30 बजे गुस्ल की रस्म अदा की जाएगी। 26 अगस्त शनिवार प्रातः 6 बजे देग का खाना तकसीम होगा। 8 बजे कुल की महफिल शुरू होगी। रंग की महफिल व फातेहा के बाद जोहर की अज़ान से पहले कुल के छींटे होंगे। 27 अगस्त को आस्ताना ए आलिया स्थित मुख्य मज़ार के पट आम जायरीन के दर्शन हेतु खोले जाएंगे।
जीवन परिचय -ः हज़रत दीवाना शाह साहब र.अ.
पैदाईश -ः 25 मोहरर्म 1292 हिजरी 8 मार्च 1875 ईस्वी सोमवार प्रातः डीसा पालनपुर गुजरात मे हज़रत अब्दुल कादीर कुरैशी के घर जैनब बाई की कोख से हुआ। आपने उर्दू, अरबी, फारसी, अंग्रजी, गुजराती, हिन्दी की शिक्षा ग्रहण की। आपने ईश्वर की याद में अपनी पत्नी मरीयम बी, पत्र मोहम्मद हुसैन को मालिक के भरोसे छोड कर घर त्याग दिया। आपके पीर (गुरू) हज़रत महबूब अली शाह साहब चिश्ती है जिनका मज़ार देवगढ़ जिला राजसमन्द में स्थित है। मुशीर्द हज़रत उल्फ़त अली शाह साहब र.अ. उर्फ कडक अली शाह सा.र.अ. के हाथों9 जमादिल 1329 हिजरी 18 मई 1911 ईस्वी जुमेरात को लोहबंदगढ़, नसीराबाद में रफाई सिलसिले में दाखिल कर आपका नाम विलायत अली शाह रखा। कपासन में मोमीन मोहल्ला में छोटी सी कुटिया में निःशुल्क शिक्षा देते स्टेशन रोड़ पर 30 बीघा जमीन 1923 ईस्वी मे खरीदी 1942-43 में कुआं खुदवाया। 8 सफर 1363 हिजरी, 3 फरवरी 1944 ईस्वी गुरूवार आपका विसाल हुआ। मोमीन मोहल्ला से आपका जनाजा पुरानी राशमी रोड, सदर बाजार पहुंचा। जहां सबसे पहले जनाजे पर हरी साटन की चादर गुरूबचन सिंह, इन्द्र सिंह ने पेश की। आपको आपकी खरीदशुदा जमीन पर आपकी वसीयत के अनुसार आपकी खरीदशुदा जमीन पर दफन किया गया।
शिक्षा -ः हिन्दु-मुस्लिम मेरी दो आंखे है, मानव सेवा ही धर्म है, इंसानियत, भाईचारा व आपसी सोहार्द ही मूल शिक्षा थी। आप जब कभी देहली तशरीफ ले जाते थे तब आपका पता ये था दीवाना, ऑल्ड सेक्रेट्रेट हाउस कोठी नं. 26 अलीपुर रोड़ देहली।
जब आपने यह जमीन स्टेशन रोड़ पर खरीदी तब लोगों ने कहा हुजूर आपके यहां इतनी दूर कौन आएगा। आपने फरमाया जंगल में मंगल होगा और हम शहर के बीच होंगे। आज यही हम अपनी आँखो से देख रहे है।
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