महिलाओं का धार्मिक ज्ञान शिविर का समापन


●भगवान को जन्म देने वाली नारी ही है :  साध्वी प्रितीसुधा 

 भीलवाड़ा (माय सर्कल न्यूज़ @पंकज पोरवाल)। नारी घर को स्वर्ग भी बना सकती है और घर को नरक भी। यह बात रविवार को अहिंसा भवन शास्त्रीनगर मे महासती प्रितीसुधा ने महिलाओं के धार्मिक ज्ञान शिविर के समापन समारोहों मे सैकड़ों महिलाओं और श्रद्धालुओं को धर्म संदेश देतें हुए कही। साध्वी ने कहा कि स्त्री में वो शक्ति और क्षमता है कि अगर वह चाहे तो घर को स्वर्ग बना दे और चाहे तो नर्क बना दे। मर्यादा और अनुशासन के बिना जीवन का निर्माण नहीं कर पाएगी।
पुरुष को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में किसी किसी महिला का हाथ जरूर होता है। हजारों शिक्षकों से ज्यादा एक मां ही ऐसी होती है जो बच्चे की परवरिश कर उसे संस्कार का निर्माण करती है नारी ने अपने त्याग, प्रेम सहिष्णुता सेवा आदि गुणों से मानव को अभिभूत किया है और विनाश के मार्ग पर जाने से नारी ही बचाती भी है। वह छाया की तरह पुरुष की संगिनी बनकर रहती है।माता,बहन तथा पुत्री बनकर अपने कर्त्तव्य धर्म को निभाती है। नर और नारी दोनों रथ के दो पहियों के समान हैं। बिना दोनों के सहयोग से आगे बढ़ना मुश्किल है। घर और समाज मे जितना पुरूष का योगदान रहता उससे कही ज्यादा स्त्री का योगदान रहता है। पुरुष जहा शस्त्र से काम लेता है,वहा स्त्री अपने कौशल से काम करती है। पुरुष के पास दृष्टि होती है तो नारी के पास अंतदृष्टि। भगवान को जन्म देने वाली भी नारी थी। नारी का सम्मान होगा तभी राष्ट्र और घर उत्थान हो सकता है। महिला मंडल की मंत्री रजनी सिंघवी ने बताया कि आध्यमिक ज्ञान शिविर समापन समारोहों की अध्यक्षा उमा-हेमन्त आंचलिया मुख्य अतिर्थी मंजू -अशोक पोखरना विशिष्ट अतिथि संजुलता-लक्ष्मणसिंह बाबेल एवं बलवीर देवी चौरड़िया तथा दया व्रत समापन ज्ञान शिविर के लाभार्थी परिवार सब्बरदेवी,लक्ष्मणसिंह संजुलता अनुराग,एकता बाबेल आदि सभी अतिथीयो का चंदनबाला महिला मंडल शास्त्री नगर कि अध्यक्षा नीता बाबेल,सुनीता झामड़,मंजु बाफ़ना अंजना सिसोदिया, वंदना लोढ़ा, सरोज मेहता, आशा संचेती रश्मि लोढ़ा संतोष सिंघवी, लाड़  मेहता, अनु बाफ़ना, कोमल सालेचा, लता कोठारी आशा रांका, मीना कोठारी, ममता रांका, अंतिमा सांड, दिलकुश डागलिया, स्नेहलता बोहरा, कांता साँखला कमलेश चोपड़ा, मीना डाँगी, पुष्पा सुराना, प्रमिला कोचेटा, मंजू चपलोत आदि सभी महिला मंडल की सदस्यों द्वारा समापन शिविर के अतिथीयो को साध्वी मंडल के सानिध्य मे शोल माला मोमेंट तो देकर सम्मानित किया गया। समारोहों के प्रारंभ मे सामूहिक रूप से महामंत्र नवकार का जाप किया। ज्ञान शिविर मे भाग लेने वाली सभी महिलाओं को पारितोषिक दिये और अंत मे नीता बाबेल ने समापन समारोह पधारे अतिथीयो और बहनो.का आभार व्यक्त करते हुए मंडल की बहनों को बधाई दी।

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