माँ ही बालक के हृदय के सबसे करीब होकर प्रथम गुरू व मित्र होती है : राधेश्याम शर्मा

भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)। आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय मांडलगढ़ का मातृ सम्मेलन दोपहर 2 बजे वंदना सभागार में आयोजित किया गया। मातृ सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता राधेश्याम शर्मा मंत्री जयदेव पाठक न्यास, पूर्व क्षेत्र मंत्री विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र ने कहा कि बच्चे का निर्माण माँ ही करती है, बालक के जीवन में माँ का स्थान सबसे उच्चा होता है, और माँ ही बालक के हृदय के सबसे करीब होकर प्रथम गुरू व मित्र होती है। मातृशक्ति में माँ दुर्गा की शक्ति के कारण वह हर कार्य को सरलता से कर लेती है। राधेश्याम शर्मा ने परिवार की सफलता के लिए माँ को परिवार का केन्द्र बिन्दु बताया साथ ही महिलाओं से समय निकाल कर अपने बेटों व बेटियों को छोटी-छोटी जिम्मेदारी देकर एक जिम्मेदार बालक बनाने की अपील की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सीमा पारीक विश्व हिन्दू परिषद दुर्गा वाहिनी प्रान्त महाविद्यालय प्रमुख चित्तौड़ प्रान्त ने माताओं से बालक को गलती करने पर डराने की जगह मित्रवत व्यवहार करते हुए विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों का मुकाबला करने के लिए बालक को तैयार करने की अपील दी। कार्यक्रम की अध्यक्षा मन्जू स्वर्णकार ने बालक के विकास में माता की भूमिका के बारे में बताया। स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य गणपतसिंह वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बहिनों ने गीत, काव्य पाठ, नृत्य सहित कई प्रकार की प्रस्तुतियां दी। मातृ सम्मेलन में भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सचिव देवराजसिंह राणावत, विद्यालय प्रबन्ध समिति के उपाध्यक्ष सुधीर कुमार सोनी, सचिव ओमप्रकाश दरोगा, सदस्य भगवती लाल गट्टानी विद्यालय के आचार्य, दीदी सहित सैकड़ो महिलाऐं उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन आचार्या निर्मला सोनी ने किया।

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