पांचों इंद्रियों को अपने आप में नियंत्रित करना ब्रह्मचर्य है- अर्हतमती माताजी


 
जहाजपुर (माय सर्कल न्यूज @रविकांत जोशी)। कस्बे में चल रहे दसलक्षण महापर्व पर आज दसवें दिन ब्रह्मचर्य धर्म की उपासना की गई। इस मौके पर अर्हतमति माताजी एवं संस्कृति भूषण माताजी ने बताया कि मनुष्य अपनी पांच प्रकार की इंद्रियों पर नियंत्रण करना ही ब्रह्मचर्य धर्म की पालना है यह पालन गृहस्थ जीवन में रहकर भी कर सकते हैं। वहीं दिनभर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजा अर्चना कर अनंत चतुर्दशी का दिन मनाया वही वासु पूज्य भगवान का  निवाऀण  महोत्सव का लड्डू चढ़ाया गया व 4:30 बजे जुलूस निकालकर भगवान को निहालकी  मै बिठाकर भ्रमण कराया फिर सायं 5:30 बजे सामूहिक कलशा अभिषेक का कार्यक्रम रखा गया। सामूहिक अभिषेक में शांति धारा का लाभ सोहनलाल जी विमल कुमार जैन व प्रकाश चंद यशवंत जैन जयपुर वालों ने प्राप्त किया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ