भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। पीपुल फॉर एनीमल्स के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा से जयपुर में मिलकर वनों का प्रतिशत बढ़ाने व वनों के सरक्षण के संबंध में सुझाव दिये। जाजू ने मंत्री शर्मा को वन भूमि में पौधारोपण का लक्ष्य पूर्व के वर्षों का 25 प्रतिशत ही करने एवं शेष राशि 200 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष से आने वाले 5 वर्षों तक वन भूमि में सुरक्षा वाल बनवाने एवं आवाजाही बंद करने का सुझाव दिया ताकि 5-6 वर्षों में वहा प्राकृतिक जंगल विकसित हो सके। जाजू ने वन मंत्री को बताया कि पिछले 10 वर्षों में 2690 करोड रूपयों की राशि खर्च करने के बावजूद 20 प्रतिशत पौधे भी जीवित नहीं है जिसके लिए संबंधित वन अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। जाजू ने प्रदेश की नर्सरियों में जनता की मांग के अनुरूप प्रजाति व साईज के पौधे उपलब्ध कराने, लगभग 2.5 लाख हेक्टेयर वन भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में अमलदरामद कराने, वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध राजस्थान वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही करने, वन विभाग के कार्मिकों को वनों की सुरक्षा हेतु अत्याधुनिक हथियार एवं उपकरण उपलब्ध कराने, वन विभाग के रिक्त पदों को भरने, अधिकारियों की केन्द्रीयकृत रूप से फील्ड मॉनिटरिंग करने, सभी जिलों में भूमि की उपलब्धता के आधार पर पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित करने, वन विभाग के कार्यालयों से अनुपयोगी उपकरणों का निस्तारण करवाते हुए कार्यालयों को हरा-भरा बनाने, मानद वन्यजीव प्रतिपालकों की नियुक्ति करने, वन भूमि पर लगाये गये पौधों की संख्या व खर्च व निर्माण खर्चों को वन भूमि पर मुख्य द्वार पर प्रदर्शित करने, कुम्भलगढ एवं सीतामाता अभयारण्य को राष्ट्रीय पार्क घोषित करने सहित 15 बिन्दुओं का सुझाव पत्र दिया। वन मंत्री संजय शर्मा ने जाजू को सुझावों को अमल में लाने हेतु आश्वस्त किया। इस अवसर पर पीएफए जयपुर संयोजक सूरज सोनी भी मौजूद थे।
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