ग्यारहवें बजट में बेरोज़गारी-महँगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्दा नौ दो ग्यारह हो गया है- कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी

चित्तौड़गढ़। जिला कांग्रेस कमेटी के जिला संगठन महासचिव महेंद्र शर्मा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आज का बजट निराधार एवं दिशाहीन बजट रहा, जिला अध्यक्ष भैरूलाल चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार का बजट अपने गठबंधन के साथियों को ठगने के लिए आधी-अधूरी रेवड़ियां बाटता हुआ दिखाई दिया, ताकि एनडीए की सरकार बच सके, यह देश की तरक्की का बजट नहीं होकर मोदी की सरकार बचाव का बजट साबित हुआ, उन्होंने कहा कि राजस्थान के पर्ची वाले मुख्यमंत्री जी एवं चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दोनों में मिलकर भी अपने क्षेत्र एवं राज्य में एक नई सौगात नहीं दिला पाए, बजट में सारी सौगाते गठबंधन के साथ लगी हुई पार्टियों के साथ थी, किसानों के लिए डेढ़ गुना एमएसपी एवं आय को दुगना करना चुनावी धोखेबाजी निकली, 
दलित ,आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मध्यम वर्ग एवं गांव- गरीब के लोगों के लिए कोई भी योजना इस बजट में दिखाई नहीं दी,उल्टा महंगाई पर ही केंद्र सरकार अपनी पीठ थपथपाई दिखाई दे रही है एवं जनता की घाड़ी कमाई लूट कर पूंजीपति मित्रों में बांटने का बजट रहा, जातिगत जनगणना के बारे में एक शब्द तक नहीं बोला गया,यह बजट लोकतंत्र एवं संविधान के भी खिलाफ दिखाई दे रहा है
*बजट में कोई प्लान नहीं था एनडीए सरकार ने केवल जनता के साथ धोखेबाजी की है- महेंद्र शर्मा, जिला कांग्रेस संगठन महासचिव*
जिला संगठन महासचिव महेंद्र शर्मा ने कहा कि 20 मई 2024 यानी चुनाव के दौरान मोदी जी ने एक साक्षात्कार में दावा किया था की 100 दिन का एक्शन प्लान हमारे पास पहले ही से है लेकिन इस बजट में ऐसा कोई प्लान नहीं बात कर देश की जनता के साथ धोखा किया है, शहरी विकास एवं ग्रामीण विकास की कोई भी योजनाएं पर कोई बड़ी घोषणा नहीं कर पाए,
कृषि,स्वास्थ्य,शिक्षा, जन कल्याण एवं आदिवासियों पर बजट में आवंटन से कम खर्च कर केंद्र सरकार ने अपनी मानसिकता दर्शा दी है, महिलाओं एवं युवाओं को सिर्फ धोखा देकर वोट बटोरने का काम किया, इस बजट में महिलाओं के साथ धोखा हुआ है, 10 साल के बाद उन युवाओं के लिए सीमित घोषणाएं हुई जो सालाना 2 करोड़ नौकरियां के जुमले को जेल रहे थे, यह देश की तरक्की का बजट नहीं होकर मोदी सरकार बचाओ बजट बनकर रह गया है राजस्थान एवं चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र को घोर निराशा हाथ लगी, जिससे आने वाले राज्य के उपचुनाव एवं पंचायतराज व नगर निकाय चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा और जनता करारा जवाब देगी।

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