चित्तौड़गढ़। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग चित्तौडगढ के अध्यक्ष प्रभुलाल आमेटा, सदस्य अरविन्द कुमार भट्ट, राजेश्वरी मीणा ने परिवादी के वैध कनेक्शन को विद्युत चोरी बता कर विद्युत विभाग द्वारा भरी वीसीआर राशि वसूल नहीं करने एवं परिवाद व्यय दिये जाने का आदेश दिया। प्रकरणानुसार गंगरार स्टेशन निवासी परिवादी कैलाश देवी पूर्बिया पत्नी राधेश्याम पूर्विया ने एक परिवाद अधिवक्ता रतन कुमावत, खुमराज कुमावत, बाबु लाल सालवी के मार्फत इस आशय का पेश किया कि उसके घरेलु विद्युत कनेक्शन है जिसके बिलों का बराबर भुगतान करती आ रही है। विभाग द्वारा कनेक्शन को डीपी में जोड़ा गया, डीपी चोरी होने के बाद पुनः हाईवे से जोड़ दिया जहाँ लाईनमेन की गलती से एक तार निकला रहा। विद्युत विभाग ने चोरी बताते हुए 74793/- जरिये वीसीआर वसुली मांगी। प्रकरण जिला उपभोक्ता आयोग में पेश किया जहाँ विद्युत विभाग की लापरवाही व सेवा में कमी मानते हुए विद्युत विभाग द्वारा बनायी वीसीआर राशि वसूल नहीं करने एवं 2500/- रुपये परिवाद व्यय के अलग से दो माह में दिये जाने का आदेश दिया।
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