भूमिगत मुख्य मज़ार के हजारों जायरीनों ने किए दीदार

कपासन। प्रख्यात सूफी संत हज़रत दीवाना शाह साहब र.अ. की दरगाह शरीफ के आस्ताना ए आलिया मे स्थित मुख्य मज़ार के हजारों लोगों ने दीदार किए।
दरगाह वक्फ कमेटी के सैक्रेट्री मोहम्मद यासीन खाँ अशरफी के अनुसार बुधवार रात्रि दो बजे से ही भूमिगत मुख्य मज़ार के दीदार हेतु बुलन्द दरवाजे तक लम्बी-लम्बी कतारे लगी व पांच बजे से ही दर्शन हेतु पट खोल दिए गए। आस्ताना के पश्चिम जानिब औलिया मस्जिद की तरफ बाबे नेअमत से जायरीन अन्दर गए और दक्षिण जानिब बाबे सलाम से निकलने की व्यवस्था की गई।
 गर्मी को देखते हुवें जायरीन की कतारे इस तरह से बनाई गई की शाही महफिलखाने तक आकर लाईन खत्म हो जाए ताके जायरीन को गर्मी का एहसान ना हो। व्यवस्था हेतु सिक्युरिटी गार्ड व स्वयं सेवक तैनात रहे। देर रात्रि तक हर एक व्यक्ति के दीदार करने के बाद ही भूमिगत मज़ार के पट बन्द कर दिए जायेगे।
 ए.डी.जे. बालकृष्ण कटारा, सी.जे.एम. उदय अलोरिया, कपासन ए.सी.जे.एम. प्रतापसिंह राठोर, शारिक मोहम्मद ने भूमिगत मज़ार के दर्शन कर मुल्क मे अमनो सुकून की दुआ की। जहा कमेटी सदस्य सैयद अख्तर अली बुखारी ने दस्तारबंदी कर श्रीफल भेंट किया।

धुणा के तरीकबन्द को फुकरा हज़रात को दी विदाई -ः फुकराजमात के खलीफा, नकीब, भंडारी, सिपाही, मिसकीन के तकरीबन सौ सदस्यो को दस्तारबंदी कर, नजराना व चादर शरीफ देकर विदाई दी गई।

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