डिवोशनल सोंग्स ऑफ मीराबाई पुस्तक का विमोचन


चित्तौड़गढ़। डाॅ. सुशीला लड्ढा द्वारा संपादित एवं शिव मृदुल द्वारा अनुवादित डिवोशनल सोंग्स ऑफ मीराबाई पुस्तक का विमोचन इंडियन नेशनल ट्रस्ट फाॅर आर्ट एण्ड कल्चरर हेरीटेज के राष्ट्रीय चेयरमेन सेवानिवृत मेजर जनरल एल.के. गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में प्रसार भारती की प्रोड्यूसर एवं डायरेक्टर डाॅ. रेखा व्यास, प्लास्टिक सर्जन डाॅ. मनोहर लाल शर्मा, जुवेनाईल जस्टिस जज के सीनियर एडवाईजर राकेश चौधरी, आई.टी. के कैलाश शर्मा भी उपस्थित थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष एल.के. गुप्ता ने कहा कि यह पुस्तक समस्त विश्ववासियों के लिए उपयोगी रहेगी। सभी अहिन्दीभाषियों के जीवन के कल्याण का पथ मीरा की भक्ति से प्रशस्त होगा। डाॅ. रेखा व्यास ने कहा कि यह पहली मीरा के प्रामाणिक पदों की पुस्तक है जिसमें हिन्दी, रोमन, अंग्रेजी में काव्यानुवाद, भावानुवाद, शबदार्थ, जिस्ट सहित मीरा के पदों की विवेचना, व्याख्या की गयी है, निश्चय ही यह पुस्तक मानव को मोक्ष के द्वार तक पहुंचा सकती है। 
शिव मृदुल ने बताया कि इस पुस्तक में अहिन्दीभाषी मीरा के दर्शन और पदों में रूचि रखने वालों के लिए मीरा के प्रसिद्ध, प्रमाणिक 54 भजनों को रोमन लिपि में दिया गया है। इसमें रोमन स्क्रिप्ट के संबंध में प्रारंभ में एक अध्याय उदाहरण सहित दिया है। पुस्तक के बांयें पृष्ठ पर रोमन पद के साथ हिन्दी पद भी है। साथ में अंग्रेजी शब्दार्थ भी दिए हैं। पुस्तक के दायें पृष्ठ पर अंग्रेजी छन्द विधान की गेय लय का निर्वाह करने का प्रयास किया है जिसमें अंग्रेजी पद के प्रसंग, सरलतम अर्थ एवं पौराणिक संदर्भ भी दिये गये हैं। 
डाॅ. मनोहर शर्मा ने कहा कि संपूर्ण विश्व में मीरा के भजनों को चाव से गाया जाता है। अंग्रेजी में अनुवाद से भाषा की बाध्यता नहीं रही और रोमन में पढ़कर सस्वर गाकर हम भावविभोर हो जाते हैं। डाॅ. सुशीला लड्ढा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीव-जीव के हृदय वृन्दावन में पैरों में घुंघरू बांधे, हाथ में करताल लिए मीरा की आत्मा अनादिकाल से गाती आ रही है। जो हमारी मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। इस अवसर पर डाॅ. लड्ढा ने गुप्ता को अपनी पुस्तकों का सेट भी भेंट किया।

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