मिड डे मील : बच्चों के लिए कम बना भोजन, रजिस्टर में लिखा ज्यादा


भादसोड़ा, (नरेंद्र सेठिया)। सरकार द्वारा 
प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्तर के अध्ययनरत विधार्थियों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए मिड डे मील योजना शुरू कर रखी हैं। लेकिन सरकार की इस योजना में बच्चों का मिलने वाले भोजन का निवाला जिम्मेदार लोग छिनने से नही बच रहे हैं। ऐसा ही एक मामला भदेसर क्षेत्र के भादसोड़ा में देखने को सामने आया हैं। यहाँ औचक निरीक्षण के दौरान बच्चों के लिए बनाए जा रहे भोजन में अनियमितता देखने को सामने आई। भादसोड़ा  राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भादसोड़ा में सरपंच शंभू लाल सुथार ने मिड डे मील का औचक निरीक्षण किया जिसमें अनियमितता सामने आई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भादसोड़ा के सरपंच शंभू लाल सुथार एवं ग्रामीणों ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भादसोड़ा का मिड डे मील का मंगलवार को औचक निरीक्षण किया गया जो असंतोषप्रद पाया गया। मंगलवार को बनाए गए भोजन में मौके पर 3 किलो चावल ही बनाया गया परंतु बच्चों की राशन सामग्री स्टॉक रजिस्टर में 8 किलो 400 ग्राम लिखी गई। इसी प्रकार सोमवार को मौके पर 6 किलो आटे  का उपयोग किया गया। लेकिन स्टॉक रजिस्टर में 9 किलो आटा रजिस्टर में चढ़ाया गया। इस प्रकार भोजन बनाने वाली महिलाओं ने भोजन में उपयोग होने वाली सामग्री को बालकों के भोजन के लिए कम मात्रा में बनाया गया परंतु स्टॉक रजिस्टर में उसकी मात्रा अधिक दर्शाई गई। इस पर सरपंच शंभूलाल सुथार एवं ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके लिए सरपंच शंभू लाल सुथार ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से भी इस मामले में शिकायत की।

इनका कहना हें कि :- 
 बच्चों की उपस्थिति के हिसाब से सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा में निर्देशानुसार मिड डे मील का भोजन बनाया गया परंतु कई बच्चे साथ में टिफिन लेकर आते हैं इसलिए भोजन बच जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बच्चों की उपस्थिति के अनुपात में कम मात्रा में सामग्री का उपयोग किया गया। मैंने तो अभी एक सितंबर से ही चार्ज लिया है।

- गंगाराम खटीक, इंचार्ज, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भादसोड़ा

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