खोर गांव में लंम्पी रोग निवारण हेतु जोयड़ा बावजी की निकाली झंडी यात्रा


चित्तौड़गढ़। समीपवर्ती जालमपुरा पंचायत के खोर गांव में गायों में फैल रही लंम्पी  बीमारी के निवारण के लिए तरह-तरह के जतन (उपाय) किए जा रहे हैं। गांव के युवा व ग्रामीणों द्वारा जन सहयोग से आयुर्वेदिक दवा के लड्डू बनाकर गायों बैलों को खिलाया जा रहा है। साथ-साथ दैवीक उपाय भी किया जा रहा है, प्राचीन मान्यता अनुसार पशुधन में बीमारी, कई तरह के रोगों तथा महामारी से बचाव करने वाले गांव में जोयडा बावजी के देवरे पर शनिवार को ग्रामवासियों ने इकट्ठा होकर पंडित सत्यनारायण शर्मा द्वारा मंत्रोचार के साथ हवन-पूजा करा कर प्रार्थना की कि इन गौ वंश में फैल रही लंम्पी नामक बीमारी से रक्षा करें।
 इसके पश्चात वहां से ढोल -नगाड़ों के साथ जोयड़ा बावजी की झंडा व प्रज्जवलित हवन वेदी पर धूप आदि रखकर पूरे गांव में घुमाया। हर घर से हवन वेदी में नारियल, धूप अगरबत्ती चढ़ाई गई। जोयड़ा बावजी के खोलन (चरणामृत) का छिड़काव किया गया। इस झंडे यात्रा में गांव की स्त्रियां भी नाचती गीत गाती चल रही थी। गांव के सभी खेड़ाखूट देवताओं को भी अगरबती धूप चढ़ाया गया। बेसहारा गायों के लिए आगे आकर लोग दान राशि दे रहे हैं। कोरोना काल में की गई मानव सेवा से भी अधिक गायों की सेवा में रूचि ले रहे हैं।
 इस अवसर पर गांव के तेजपाल सिंह शक्तावत महामंत्री जौहर स्मृति संस्थान,  रामनारायण जाट, लक्ष्मण सिंह, शंकर सिंह, श्रवण सिंह रामनिवास गायरी, सुरेश शर्मा, देवराज जाट, विक्रम जाट, पदम सिंह नरेश जाट, लोकेंद्र सिंह, मनीष वैष्णव रवि सिंह, जालम सिंह, किशोर जाट भगत सिंह जाट, राजदीप सिंह, शूरवीर सिंह, प्रह्लाद सिंह, जगपाल सिंह, अरविंद सिंह, सुरेश जटिया कालूराम डांगी,  श्याम लाल मीणा सुखदेव जटिया, रूपसिंह, राजेंद्र सिंह छोटू सिंह ,दिलखुश जाट ,अनिल जाट, राजवीर सिंह सहित सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद थे।

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