उन्नत बकरी पालन में प्रबंधन पर आत्मा परियोजना के अंतर्गत तृतीय पशुपालक प्रशिक्षण शिविर का समापन

 

चित्तौड़गढ़। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर के अंतर्गत संचालित पशु विज्ञान केंद्र चित्तौड़गढ़ के द्वारा उन्नत बकरी पालन एवं प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण शिविर का समापन किया। सर्वप्रथम केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ मुकेश चंद्र शर्मा ने पशुपालकों को बकरियों के आवास एवं प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की जिसमें उन्होंने नवजात मेमनों, युवा बकरा-बकरी, दुधारू व बकरियां तथा व्यस्क बकरों के लिए मौसम के हिसाब से आवास के बारे में विस्तार से चर्चा की दिनेश कुमार ज्यादा आत्मा परियोजना निदेशक चित्तौड़गढ़ के द्वारा पशु पालकों को आत्मा चित्तौड़गढ़ के द्वारा चलाई जा रही पशुपालकों की योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया।
 इसके साथ ही उन्होंने आगामी महीने में आयोजित की जाने वाली एलाइड डेमोंसट्रेशंस के बारे में पशुपालकों को भाग लेने तथा उसका फायदा उठाने के लिए विस्तार से बताया। केंद्र के डॉक्टर परमजीत ने बकरी पालन में फैलने वाली विभिन्न संक्रामक, असंक्रामक और उपापचय रोगो के बारे में कारण, लक्षण, बचाव एवं प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की डॉ राहुल चौधरी ने बकरियों की नस्ल सुधार एवं नस्ल चुनाव पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि बकरी पालन में नस्ल चुनाव का बहुत ज्यादा महत्व है क्योंकि नस्ल का चुनाव सुधार बकरी पालन का मुख्य पायदान है अंत में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विजेता पशुपालकों को पुरस्कृत किया गया तथा सभी किसानों को प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 30 अनुसूचित जाति के पशु पालकों ने भाग लिया।

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