जोधपुर। जोधपुर के शेरगढ़ स्थित भूंगरा में 8 दिसंबर को हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तक इस हादसे में 12 की मौत हो गई हैं। इनमें 7 बच्चे हैं।
इससे पहले शुक्रवार तक 8 मौत हुई थीं।
शनिवार को दम तोड़ने वालों में सुआ कंवर (60), पूनम (11) , सज्जन कंवर (10) और सुरेंद्र सिंह (30) शामिल हैं। इस हादसे में सुआ कंवर 60 से 70%, सज्जन कंवर 80 से 90% और पूनम 80 से 90% तक झुलस चुकी थी। अब तक हुई मौतों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है। कुल मृतकों में से 7 बच्चे हैं।
जयपुर से भेजी गई टीम
घायलों के बेहतर इलाज के लिए सीएम के निर्देश पर जयपुर से डॉक्टरों की टीम जोधपुर भेजी गई। शुक्रवार को जैसे ही मासूम बच्चों सगतसिंह के पौत्र रतनसिंह व उनके भाई हमीरसिंह की पौत्री खुशबू कंवर के शव वीरान घर के आंगन में पहुंचे तो हर किसी की आंखों में आंसू आ गए। माहौल गमगीन हो गया।
इन दोनों मासूमों के परिजन अस्पताल में मौत और जिंदगी के बीच जंग लड़ रहे हैं। अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके न किसी को अपनों का कंधा मिला।
पड़ोसी गांव के लोग व दूर के रिश्तेदारों ने इनका अंतिम संस्कार किया। इसके बाद दो महिलाओं चन्द्र कंवर व कंवरू का अंतिम संस्कार किया गया।
दोस्त झुलसा, फोटोग्राफर की मौत
दूल्हे को तैयार करने आया दिलीप कुमार (27) भी हादसे में झुलस गया था। उसकी हालात गंभीर बताई जा रही है। शादी में फोटोग्राफी करने आए कवराज सिंह पुत्र मनोहर सिंह (20) की इलाज के दौरान मौत हो गई। दिलीप के परिवार ने बताया कि चार महीने पहले ही दिलीप के बेटे का जन्म हुआ है। परिवार के सदस्यों ने बीमार के पिता को अभी तक हादसे की जानकारी नहीं दी है। डॉक्टरों का कहना है कि करीब 60-70 प्रतिशत तक झुलस गया है।
47 लोग अब भी भर्ती
घायलों का जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। यहां फिलहाल 47 पेशेंट एडमिट हैं। इनमें से 10 की हालत गंभीर है। ये 60 प्रतिशत तक जल चुके हैं। इनमें बच्चे और महिलाओं की संख्या ज्यादा है। वहीं, 11 घायल 50 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं, जबकि 29 पेशेंट की स्थिति अगले 48 घंटों में क्लियर हो पाएगी।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में घायलों के इलाज के लिए सभी व्यवस्था की गई थी। फिलहाल अस्पताल के 4 वार्ड में 50 घायल एडमिट हैं। प्रत्येक वार्ड में क्लॉक वाइज डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। कुल 24 डॉक्टरों की टीम दिन-रात घायलों को बेहतर इलाज में जुटी है। इनमें सीनियर और जूनियर सहित रेजिडेंट डॉक्टर भी शामिल हैं। घायलों के इलाज के लिए स्टाफ भी बढ़ा दिया गया है। इसके बाद सीएम अशोक गहलोत अस्पताल पहुंचे। सीएम ने अपने दौरे के दौरान अस्पताल में डाॅक्टर्स से घायलों के इलाज और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि अस्पताल में इलाज के लिए कोई कमी नहीं हो इसके लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल भी घायलों को देखने पहुंचे थे।
ऐसे हुआ गैस ब्लास्ट :
गुरुवार 8 दिसम्बर को...दोपहर के 2.30 बजे थे...आंगन में महिलाएं शादी के गीत गा रही थी। दूल्हा अपने दोस्तों के साथ कमरे में तैयार हो रहा था। दो घंटे बाद बारात रवाना होनी थी। घर के बाहर 150 बाराती दूल्हे के तैयार होने का इंतजार कर रहे थे। किसी को नहीं पता था अगले कुछ पलों में उनके साथ वो होगा, जिसकी कल्पना उन्होंने किसी डरावने सपने में भी नहीं की होगी। दूल्हे के कमरे के बाहर रखे दो सिलेंडर में लीकेज था और गैस रिस रही थी। 10 मिनट में गैस घर के पीछे तक पहुंच गई, जहां भट्टियों पर खाना बन रहा था। शादी के मंगल गीतों और हंसी ठिठोली के बीच अचानक दूल्हे के कमरे के बाहर रखे दो सिलेंडर में ब्लास्ट होता है और पूरे घर में आग फैल जाती है। देखते ही देखते घर में मौजूद 60 लोग आग की चपेट में आ गए। बचकर भाग भी नहीं पाए, क्योंकि बाहर निकलने का रास्ता आग की लपटों में घिरा हुआ था। जहां कुछ पल पहले शादी के गीतों का संगीत था, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार थी। शेरगढ़ के भूंगरा गांव में हुए हादसे ने सभी को दहला दिया।
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