चित्तौड़गढ़। मधुबन हाथी कुंड स्थित श्रीनाथ जी मंदिर पर श्रीनाथजी के 17वें पाटोत्सव के अवसर पर तुलसी शालिग्राम विवाह महोत्सव एवं विवाह भागवत कथा का शुभारम्भ प्रातः 9.15 बजे भव्य कलश यात्रा से प्रारम्भ हुआ। जानकारी देते हुए मंदिर मंडल के मीडिया प्रभारी विजय मलकानी ने बताया कि मधुबन क्षेत्र तथा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से सेंकड़ों बहने भव्य जुलूस में सिर पर कलश लिए नाचते गाते सम्पूर्ण मधुबन क्षेत्र का भ्रमण कर कथा पंडाल में पहुंची जहां पर बाद में निम्बाहेडा से गौ भक्त परम श्रद्धेय पंडित राधेश्याम सुखवाल द्वारा कथा प्रारम्भ की गई जिसमें सबसे पूर्व गणपति पूजन किया गया। बाद में नारदजी विवाह कथा का आरंभ हुआ। आयोजक कनकलता पाराशर ने बताया कि उक्त अवसर पर पंडित राधेश्याम सुखवाल ने कहा कि मानव जीवन की सार्थकता ईश्वर की आराधना एवं उसकी कृपा में है उन्होंने कहा कि जिसने भी जन्म लिया है उसकी मृत्यु भी निश्चित है। इसलिए ये जो जीवन मिला है उसे परम पिता का नाम लेते हुए हमे सार्थक करना चाहिए। उक्त अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. योगेश व्यास ने गौ भक्त पंडित राधेश्याम सुखवाल का ऊपरना एवं शाल ओड़ाकर स्वागत किया कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों के भक्तगण तथा बहने उपस्थित थी।
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