चित्तौड़गढ़। मध्यप्रदेश के नीमच जिला कीरूपुरिया निवासी छगनलाल दायका की पत्नी के चित्तौड़गढ़ में एक निजी चिकित्सालय में इलाज में लापरवाही बरतने से हुई परेशानियों को लेकर परिजनों द्वारा चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर कानूनी कार्यवाही की मांग की। दिये ज्ञापन में प्रार्थी छगनलाल ने बताया कि उसकी पत्नी के पेट में दर्द होने पर 2 दिसम्बर को चित्तौड़गढ़ के निजी चिकित्सालय में इलाज कराया जहाँ डाॅक्टर ने एक सफल ऑपरेशन कर घर जाने के लिए डिस्चार्ज किया। पुनः सात दिवस बाद टांके खुलवाने एवं चैकअप के लिए बुलाया। सात दिवस पश्चात् प्रार्थी अपनी पत्नी के साथ चित्तौड़गढ़ आये जहाँ वाहन चालक एवं किसी अन्य निजी चिकित्सालय के सांठ गांठ होने के चलते वाहन चालक चैधरी हाॅस्पीटल में ले गया जहाँ डाॅ. वसीम मिले जिन्होंने अपने आप को सात दिवस पूर्व हाॅस्पीटल में इलाज कराने वाले चिकित्सालय का रिश्तेदार बताया और भरोसे में लिया तथा आगे का इलाज करने के लिए बाध्य किया। उसके द्वारा आगे की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए टांके वगैरह खोले जहाँ लापरवाही बरती गई और प्रार्थी की पत्नी को घोर परेशानियाँ हो गई। बाद में जाँच करने पर पाया कि स्वयं को डाॅक्टर बताने वाले के पास डाॅक्टर की कोई वैध डिग्री भी नहीं है। अपने साथ हुई परेशानियों एवं इलाज में की गई लापरवाही पर कार्यवाही की मांग को लेकर सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
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