पंचायती राज अधिनियम का सूचना पत्र दिए बिना कोई वाद नहीं कर सकता


चित्तौड़गढ़। पालका निवासी जोधराज द्वारा ग्राम पंचायत पालका के विरूद्ध सिविल न्यायालय चित्तौड़गढ़ में एक निषेधाज्ञा का वाद पत्र प्रस्तुत किया जिसके प्रकरण संख्या 52/2021 सिविल वाद है। ग्राम पंचायत पालका की ओर से एडवोकेट भेरूलाल सालवी, ललित जोशी ने पैरवी करते हुए आदेश 7 नियम 11 सिविल प्रक्रिया संहिता का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया कि कानून की पालना नहीं करते हुए वाद पत्र विधि के प्रतिकूल प्रस्तुत किया गया है। धारा 109 पंचायती राज अधिनियम के अनुसार किसी वाद में ग्राम पंचायत को पक्षकार बनाया जाता है तो उसको धारा 109 का सूचना पत्र देने के पश्चात् 60 दिन की अवधि व्यतीत हो जाने के बाद ही कोई वाद प्रस्तुत किया जा सकता है। प्रतिवादी के अधिवक्ता द्वारा दिये तर्कों से सहमत होकर न्यायाधीश मेघना मीणा ने प्रतिवादी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए वादी का प्रस्तुत वाद पत्र खारिज किया।

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