मरीज के ईलाज में लापरवाही का झूठा इल्जाम लगाने वाले पर कार्यवाही की मांग, एसपी को पेश किया परिवाद


चित्तौड़गढ़। गत दिनों निजी चिकित्सालय में कार्यरत एक कार्मिक द्वारा छोड़ कर अन्यत्र अपनी सेवाएँ देने से पुराने चिकित्सालय स्टाॅफ द्वारा बदनाम करने एवं झूठा इल्जाम लगाये जाने की बात को लेकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर एसपी को ज्ञापन सौंपा गया।
जानकारी के अनुसार परिवाद में बताया गया कि वसीम मंसूरी पिता मोहम्मद इस्माईल मंसूरी जो कि पूर्व में राजस्थान हाॅस्पीटल में प्रबन्धक के तौर पर कार्य करने के दौरान उक्त चिकित्सालय की छवि खराब होने में स्वयं पर लगाये गये इल्जामो के चलते कार्य छोड़ कर अन्य चैधरी हाॅस्पीटल में प्रबन्धक का कार्य करने लगे। गत दिनों राजस्थान हाॅस्पीटल स्टाॅफ द्वारा एसपी को ज्ञापन सौंप कर इलाज में लापरवाही का इल्जाम लेकर वसीम मंसूरी व चौधरी हाॅस्पीटल पर कार्यवाही की मांग की गई थी जिस पर चौधरी हाॅस्पीटल में कार्यरत प्रबन्धक वसीम मंसूरी ने पुनः एसपी के समक्ष ज्ञापन पेश कर इसे ईर्ष्या एवं बदले की भावना में बदनाम करने की साजिश बताया तथा झूठा इल्जाम लगाने वाले डाॅ. कामिल हुसैन अंसरी राजस्थान हास्पीटल चित्तौड़गढ़, अहमद रजा निवासी प्रतापनगर चित्तौड़गढ़ और छगनलाल दायमा बंजारा निवासी कीरूपुरिया मनासा जिला नीमच (म.प्र.) के खिलाफ परिवाद पेश कर कानूनी कार्यवाही की मांग की हैं। परिवाद में बताया कि राजस्थान हाॅस्पीटल के कार्यों में अनियमितताएँ आने लगी, हाॅस्पीटल की लापरवाही पर उन्होंने स्वयं को दूर रखते हुए अपनी नौकरी छोड़ी जो हाॅस्पीटल वालों को रास नहीं आई। उनके विरूद्ध दिये परिवाद में उनको फर्जी डाॅक्टर बनना बताया जबकि वे स्वयं कोई डाॅक्टर न होकर केवल एक प्रबन्धन समिति का हिस्सा है और वे हमेशा ही प्रबन्धक के तौर पर ही अपनी सेवाएँ देते रहे हैं। इससे पूर्व भी कई बड़ी संस्थानों में अपनी संतोषप्रद सेवाएँ दी है। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि किसी एक मरीज को राजस्थान हाॅस्पीटल द्वारा अपने लाभ के लिए बहला, फूसला कर प्रेरित किया है और बदनाम करने की साजिश बताया और मानसिक रूप से परेशान करना बताया।
ज्ञात हो कि दो दिन पूर्व इस मामले में अहमद रज़ा नामक व्यक्ति ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी जिसमें बताया गया कि मध्यप्रदेश के नीमच जिला कीरूपुरिया निवासी छगनलाल दायका की पत्नी के चित्तौड़गढ़ में एक निजी चिकित्सालय में इलाज में लापरवाही बरतने से हुई परेशानियों को लेकर परिजनों द्वारा चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर कानूनी कार्यवाही की मांग की।
दिये गए परिवाद में बताया गया कि प्रार्थी छगनलाल ने बताया कि उसकी पत्नी के पेट में दर्द होने पर 2 दिसम्बर को चित्तौड़गढ़ के निजी चिकित्सालय में इलाज कराया जहाँ डाॅक्टर ने एक सफल ऑपरेशन कर घर जाने के लिए डिस्चार्ज किया। पुनः सात दिवस बाद टांके खुलवाने एवं चैकअप के लिए बुलाया। सात दिवस पश्चात् प्रार्थी अपनी पत्नी के साथ चित्तौड़गढ़ आये जहाँ वाहन चालक एवं किसी अन्य निजी चिकित्सालय के सांठ गांठ होने के चलते वाहन चालक चैधरी हाॅस्पीटल में ले गया जहाँ डाॅ. वसीम मिले जिन्होंने अपने आप को सात दिवस पूर्व हाॅस्पीटल में इलाज कराने वाले चिकित्सालय का रिश्तेदार बताया और भरोसे में लिया तथा आगे का इलाज करने के लिए बाध्य किया। उसके द्वारा आगे की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए टांके वगैरह खोले जहाँ लापरवाही बरती गई और प्रार्थी की पत्नी को घोर परेशानियाँ हुई। स्वयं को डाॅक्टर बताने वाले वसीम के पास डाॅक्टर की कोई वैध डिग्री भी नहीं होने का परिवाद में उल्लेख किया था।
इसी मामले में आज चौधरी हॉस्पिटल में कार्यरत वसीम मंसूरी ने तथ्यों को झूठा और मनगढ़त बताते हुए कार्यवाही की मांग को लेकर एसपी को परिवाद पेश किया।

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