भदेसर व आसावरा माता क्षेत्र के जैन समाज ने सौंपा ज्ञापन

भदेसर, (माय सर्कल न्यूज़ @शेलेन्द्र जैन)। भदेसर व आसावरा माता क्षेत्र के जैन समाज ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। झारखंड सरकार के द्वारा जैन समाज के आराध्य एवं तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी को पर्यटन के लिए इको सेंसेटिव जोन सूची में सम्मिलित करने से जैन समाज की भावना आहत हुई है। इसी निर्णय के विरोध में भदेसर एवं आसावरा माता श्री संघ के सदस्यों के द्वारा सामूहिक रूप से भदेसर उपखंड कार्यालय पर पहुंच महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन पत्र भदेसर तहसीलदार गुणवंत लाल माली को प्रस्तुत किया। 
श्री संघ के सदस्यों ने बताया कि प्रातः 10:00 बजे भदेसर एवं आसावरा माता संघ के जैन परिवार के सदस्य महिला बालक बालिकाएं भदेसर पार्श्वनाथ जैन मंदिर पर एकत्रित हुए तथा हाथों में तख्तियां बैनर एवं जैन ध्वजा लेकर जैन मंदिर से ज्ञापन देने के लिए जुलूस के रूप में निकले जुलूस जैन मंदिर से प्रारंभ होकर पुलिस थाना बस स्टेशन समता भवन सदर बाजार मेहता गली मार्ग रावला चौक लक्ष्मीनाथ मंदिर मार्ग प्रजापत मोहल्ला होते हुए भेरुजी बस स्टैंड पहुंचा तथा भेरुजी बस स्टेशन पर सर्कल बनाकर विरोध व्यक्त किया तत्पश्चात सभी जने उपखंड कार्यालय पहुंचे तथा ज्ञापन देने से पूर्व धर्म सभा का आयोजन किया गया 
इस धर्म सभा में शांतिलाल छाजेड़ पूर्व पंचायत समिति सदस्य पूरणमल लोढा सोहनलाल गेलड़ा माणकलाल खटोड़ पूर्व प्रधान प्रतिनिधि सुरेश जैन शैलेंद्र जैन राकेश सरूपरिया सरपंच प्रतिनिधि रघुवीर सिंह हीरालाल नवलखा महावीर खटोड़ हेमंत नवलखा महेंद्र खटोड़ प्रकाश भंसाली के द्वारा सम्मेद शिखरजी प्रकरण पर अपने विचार व्यक्त किए धर्म सभा का संचालन चंद्र प्रकाश खोडपिया के द्वारा किया गया तथा आभार गौरव द्वारा व्यक्त किया गया
 धर्म सभा की समाप्ति पर उपखंड कार्यालय पर ही भदेसर तहसीलदार गुणवंत लाल माली को समाज जनों की उपस्थिति में झारखंड एवं केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध स्वरूप ज्ञापन पत्र सौंपा गया तथा ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि सरकार को इस निर्णय को तुरंत रद्द कर जैन समाज की धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए सम्मेद शिखरजी को पर्यटन के लिए इको सेंसेटिव जोन सूची में शामिल नहीं करें। सम्मेद शिखरजी प्रकरण को लेकर भारत बंद के आह्वान पर भदेसर एवं आसावरा माता कस्बे के जैन परिवार जनों के द्वारा बंद का समर्थन करते हुए अपने अपने प्रतिष्ठान बंद रखें।

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