चित्तौड़गढ़। शहर कोतवाली पुलिस थाना में महिला सुरक्षा एवं
सलाह केंद्र में कार्यरत महिला सहित अन्य सदस्यों के खिलाफ एक प्रकरण दर्ज हुआ हैं। दर्ज प्रकरण के अनुसार पन्नाधाय कॉलोनी जसवंत पुत्र राधेश्याम मेनारिया ने महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र में कार्यरत सुमित्रा साहू व अन्य सदस्यों के खिलाफ कोर्ट में इश्तगासा पेश किया, जिसके बाद कोतवाली पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। दर्ज प्रकरण के अनुसार महिला सलाह केंद्र की महिला सदस्य व अन्य सदस्यों द्वारा जबरदस्ती घर में घुसने और अवैध वसूली का आरोप लगा है। वहीं पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि महिला के पास पीड़ित की पत्नी का केस है, जिसको लेकर बात करनी गई थी। पुलिस अवैध वसूली एंगल पर भी जांच कर रही है।
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार यह घटना 10 नवंबर की बताई है। जसवंत अपने काम से बाहर गया हुआ था, तभी महिला सलाह केंद्र की सदस्य सुमित्रा साहू सहित तीन चार जने के साथ अवैध वसूली के लिए बिना किसी से बात किए घर पर घुस गई। उस दौरान उनकी मां सो रही थी। घर में घुसने के बाद उन लोगों ने जसवंत के मोबाइल पर फोन कर उन्हें धमकी दी। गाली गलौज कर महिला थाने में खुद के कार्य करने की बात कही। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सुमित्रा साहू ने उन्हें फोन पर उठा ले जाने की धमकी दी। पीड़ित ने इन सब की रिकॉर्डिंग कर ली थी जो पुलिस को सौंप दी। इधर से मामले में एएसआई
प्रह्लाद सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि जसवंत और उसकी पत्नी करीब एक या डेढ़ साल से अलग रह रहे हैं। अलग होने के समय जसवंत के पास दो बच्चे रह गए, जबकि उनकी पत्नी के पास एक ही बच्चा है। पत्नी ने सहायता समूह की सुमित्रा साहू को अपने बच्चे से मिलने के लिए कहा था। कई बार दोनों में समझौता करने की बात कही गई थी लेकिन समझौता नहीं हुआ। जसवंत की पत्नी अपने बच्चे से मिलने की गुजारिश करती रहती है, जिसके चलते सुमित्रा उस दिन जसवंत सिंह के घर गई थी। पुलिस का कहना है कि अवैध वसूली वाले एंगल से भी जांच की जाएगी। अगर ऐसा हुआ है तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
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