चित्तौड़गढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित द्वारा की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि जिले की 61 ग्राम पंचायतों की प्रगति असंतोषजनक है। इस पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इन सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिवस में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है । 7 दिवस में प्रगति सुधार न करने या स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित वीडीओ पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जिले में वर्ष 2021-22 में स्वीकृत 8564 आवासों में से ऐसे 1245 आवासों को चिन्हित किया है, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की द्वितीय किश्त का भुगतान नहीं किया गया है। जिले की सभी 11 पंचायत समितियों में दिनांक 22 एवं 23 दिसम्बर को एक साथ प्रत्येक लाभार्थी का सर्वे कराया गया है। विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि एक-एक लाभार्थी का मौके पर जाकर सर्वे किया जाए एवं प्रत्येक के संबंध में द्वितीय किश्त जारी न होने का कारण स्पष्ट करें।
इन पंचायतों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई
पंचायत समिति बडी सादडी की ग्राम पंचायत मुझंवा, पायरी, आमीरामा, बेंगू की ग्राम पंचायत नंदवई, दुगार, गोपालपुरा, आवंलहेडा, भदेसर पंचायत समिति की कन्नोज, भादसोडा, कंथारिया, नाहरगढ, बागुण्ड, भैंसरोडगढ पंचायत समिति की झालरबावडी, मण्डेसरा, बडोदिया, श्रीपुरा, जवाहरनगर, कुशलगढ, राजपुरा, लुहारिया, देवपुरा, बलकुण्डीकलां, जावदा, बस्सी, धांगडमऊ कलां, भूपालसागर पंचायत समिति की उसरोल व पारी, गंगरार पंचायत समिति की मण्डपिया, कांटी, सुदरी, जोजरों का खेडा, बोरदा, खरखन्दा, उण्डवा, लालास, साडास, सुवायिा, बोलों का सांवता रघुनाथपुरा, चित्तौडगढ पंचायत समिति की नारेला, निम्बाहेडा पंचायत समिति की भावलिया, लसडावन व फलवा, राशमी पंचायत समिति की उपरोडा, रेवाडा, पावली, नेवरिया, सोमी, अडाना, बावलास, भालोटा की खेडी, आरणी, राशमी व हरनाथपुरा एवं डूंगला पंचायत समिति की नेगडिया, पीराना, ईडरा चिकारडा, संगेसरा, नाडाखेडा व पालोद ग्राम पंचायतें सम्मिलित है।
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