पहले झंवर अपने गिरेबान में झांके : सभापति शर्मा


चित्तौड़गढ़। नगर परिषद के सभापति संदीप शर्मा ने कहा है कि चित्तौडगढ नगर परिषद ने शहर में बिना भेदभाव के विकास का काम किया है, शहर की जनता ने जितना भरोसा चार साल पहले कांग्रेस पर जताया तो हमने उस भरोसे को पूरी तरह से कायम रखा है और हमने शहर में विकास की कोई कसर नहीं रखी। शर्मा ने माना कि हां यह बात जरूर है कि शहर की जनता से विधानसभा चुनाव में कुछ मत कम मिले है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमने जनता का विश्वास खो दिया है, हम जनता को यह बात समझाने में कामयाब नहीं हुए कि हमने जो विकास कराया। वह ही वास्तव में असली सेवा है, और जनता अन्य के झांसे में आ गई इसलिए कुछ प्रतिशत वोट वे अधिक ले जाने में कमायाब हो गए। अगर काम अच्छा नहीं होता तो कांग्रेस का वोट प्रतिशत घटना चाहिए था यह तो बढा है, जिस विधानसभा की जनता केवल भावनाओं एवं लोकलुभावनी बातों में आ गई।
सभापति संदीप शर्मा परिषद में नेता प्रतिपक्ष सुरेश झंवर के बयान पर कहा कि वास्तव में तो शर्म झंवर को आनी चाहिए और नैतिकता के आधार पर उन्हें नगर परिशद के पार्षद एवं नेता प्रतिपक्ष के पद से त्यागप़त्र दे देना चाहिए। शर्मा ने कहा कि जिस पार्टी ने उन्हें राजनीतिक जीवन एवं सार्वजनिक जीवन में एक पहचान दी, नगर पालिका का अध्यक्ष बनाया, नगर विकास न्यास का अध्यक्ष बनाया उसी के विरोध में खडे हो गए अगर वे वास्तव में राजनीतिक जीवन में सुचिता एवं स्वच्छता के पक्षधर है तो पहले वे अपने गिरेबान में झांकेे कि जिन्दगीभर जिस दल ने उन्हें पहचान दी, पद दिया और आज उसी के वे नहीं हो सके। इसलिए नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दें देना चाहिए। इसके साथ ही सभापति संदीप शर्मा ने कहा किमुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं हमारे नेता सुरेंद्र सिंह जाड़ावत के विजन से चित्तौड़गढ़ का समग्र विकास हुआ है इस बात को हम जनता तक नहीं पहुंचा पाए नगर परिषद उपसभापति सहित समस्त कांग्रेस पार्षद गणों की टीम ने विधानसभा चुनाव में पूर्ण मेहनत एवं लगन से कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मेहनत की है।

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