बेगूं (महेन्द्र धाकड़)। बेगूं कस्बे में विगत दिनों में हुई एक चौंकाने वाली घटना में एक नाबालिग बालिका ने ब्लैकमेल के बाद दुष्कर्म का शिकार होने के बाद आत्महत्या कर ली। जिस पर सर्व समाज एवं धाकड़ देश पंचायत ने शुक्रवार को पुराने बस स्टैण्ड से उपखंड कार्यालय तक नारेबाज़ी करते हुए पैदल मार्च निकाला। मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी छोटू लाल शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए, समुदाय ने फरार अपराधियों के ऊपर कड़ी कार्यवाही कर फासी की सजा दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि नाबालिग को फोटो के जरिए ब्लैकमेल कर दुष्कर्म का शिकार होने से आत्मग्लानि में आई नाबालिग बालिका ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। आरोपियों का यह कृत्य आम समाज के लिए बहुत ही विभत्सकारी एवं भर्त्सना योग्य है। उक्त मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रावतभाटा सुभाषचंद्र मिश्रा, पुलिस उप अधीक्षक बद्रीलाल राव, थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानिया सहित बड़ी संख्या में सर्व समाज के व्यक्ति मौजूद थे।
इस घटना से आक्रोश होकर जिले भर में ज्ञापन सौंपे गए। वही शनिवार को जिला मुख्यालय पर प्रातः 11 बजे जिला कलेक्टर को सौंपा जाएगा।
यह है मामला
4 जनवरी को बेगू थाने में एक रिपोर्ट दर्ज हुई थी जिसमें एक नाबालिक बच्ची के जहर खाने का जिक्र किया गया था। उसके बाद 9 जनवरी को एक व्यक्ति ने थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसकी 13 साल की बेटी के साथ पांच लोगों ने दुष्कर्म किया है और उसके बाद उसकी बेटी ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। आपको बता दे की आरोपी बालिका को फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। मोबाइल चेक किया तो उसमें बेगूं के सुलिमंगरा निवासी भैरूलाल पुत्र सुरेश के धमकी भरे मैसेज मिले। भैरूलाल ने मेरी बेटी के अश्लील फोटो खींच रखे थे। उन्हीं फोटो, वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इन आरोपियों में भैरूलाल सहित आंवलहेड़ा निवासी मुरली पुत्र सतीश मेहरा, बेगूं के जूनी निवासी बबलू पुत्र पुरण माली और अक्षय ऊर्फ भयू पुत्र किशन लाल के अलावा बेगूं के रैगर बस्ती निवासी सुनील पुत्र कैलाश चंद्र शामिल थे।
0 टिप्पणियाँ