शिक्षकों के कार्य ही उसकी पहचान बने : शर्मा



चित्तौड़गढ़। शिक्षक विद्यालय में और सामाजिक जीवन में इस तरह से कार्य करें कि उनका कार्य ही उनकी पहचान बनें। आज राजनीतिक जीवन में कई व्यक्ति जो कार्य करते हैं उनके नाम से उनकी पहचान बन जाती है। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में भी एक नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा किये गये कार्यों से उनके घर और गली की पहचान बनी है। इसी तरह से शिक्षक भी जो कार्य करते हैं तो उनकी समाज में एक अलग ही पहचान हो जाती है।
उक्त विचार बुधवार को राउप्रावि ठुकरावा द्वारा आयोजित प्राशि संस्था प्रधान की सत्रान्त वाकपीठ के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि नगर परिषद सभापति संदीप शर्मा ने व्यक्त किये। विशिष्ठ अतिथि के रूप में समग्र शिक्षा से राजराजेश्वर चौहान, एसीबीईओ शम्भूलाल सोमानी उपस्थित रहे।
समापन सत्र में सभी अतिथियों का अध्यक्ष नारायणसिंह चुण्डावत, सचिव किशनलाल सालवी, आयोजक विद्यालय संस्था प्रधान रतनलाल सालवी, दिनेश सालवी, कोषाध्यक्ष रविन्द्र बैरवा, शिक्षक संघ के गोपाल स्वरूप त्रिपाठी, सुरेश खोईवाल, हंसराज सालवी, रवि मोहनपुरिया, दिलीप लखारा, लीलाराम धोबी, माधुलाल, हरिओमसिंह, सुरेन्द्र सिंह राणावत, बगदुराम जटिया, गोपाल दशोरा, सत्यप्रकाश शर्मा, अनिता मेहता, चंदा तेली, लीला जाट, सीमा चौधरी, ममता मीणा, भोपालसिंह राव, मंजु जाट, सुमित्रा यादव आदि ने स्वागत किया।
इस अवसर पर सेवानिवृत होने वाले संस्था प्रधान सुरेन्द्र सिंह राणावत, राजेन्द्र कुमार निमावत, बालकिशन शर्मा सहित आयोजक विद्यालय के संस्था प्रधान रतनलाल सालवी का अतिथियों द्वारा अभिनन्दन किया गया। वाकपीठ में दूसरे दिन आयकर जानकारी पर राजकुमार जैन, कमल सोमानी, प्रार्थना सभा पर गोवर्धनलाल आचार्य, रजनीश साहू, स्काउट गाईड पर पंकज दशोरा, देवकीनन्दन वैष्णव ने वार्ता दी। संचालन हंसराज सालवी, सुरेश खोईवाल ने किया।

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