डमी जमीन का खातेदार बना कर फर्जी रजिस्ट्री करने के मामले में सरगना सहित चार आरोपी गिरफ्तार

चित्तौड़गढ़। एक किसान अपनी खातेदारी जमीन की नकल निकलवाने के लिए गया तो उसके जमीन की नकल देखकर उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। उसके परिवार के सदस्यों की हिस्से की जमीन का कोई और फर्जी मालिक बनकर उसे बेच दी। मामले में किसान ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई और जांच के बाद मामले का पर्दाफाश हो पाया। ऐसा ही एक मामला जिले के निम्बाहेड़ा कोतवाली पुलिस थाना में दर्ज प्रकरण में देखने को मिला हैं। किसानों की खातेदारी जमीन के डमी व्यक्ति खड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री करवाने के मामले में कोतवाली निम्बाहेड़ा थाना पुलिस ने मुख्य सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। मामले में दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि संगवाडिया थाना सदर निम्बाहेड़ा निवासी भैरुलाल रावत ने थाना कोतवाली निम्बाहेड़ा पर दी रिपोर्ट में बताया कि उसकी, उसके भाई रुपलाल, बहन चन्दाबाई व माता लालीबाई की सँगवाड़ियाँ में शामलाती खातेदारी कृषि भूमि हैं। इस जमीन पर सभी का समान हक हिस्सा निहित हैं। उक्त सभी के हक हिस्से की आराजीयात में से रुपलाल एवं चन्दाबाई के हक हिस्से की भूमि को गत एक मई को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फर्जी कुटरचित दस्तावेज को निर्मित कर क्रेता बहादुर सिंह रावत पुत्र मोहनलाल रावत निवासी सतखंडा निम्बाहेड़ा को विक्रय की रजिस्ट्री करवा दी। जिसमें गवाह लाखन नायक पुत्र कनीराम नायक निवासी समेलिया व बाबरु भील पुत्र उंकारलाल भील निवासी रानीखेडा तह० निम्बाहेडा है तथा भैरु लाल एवं लाली बाई के हक हिस्से की जमीन को गत 9 मई को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फर्जी कुटरचित दस्तावेज को निर्मित कर क्रेता बहादुर सिंह रावत पुत्र मोहनलाल रावत निवासी सतखंडा को विकय की रजिस्ट्री करवा दी जिसमें गवाह लाखन नायक व राजेन्द्र नायक निवासी सेमलिया निम्बाहेड़ा के रूप में हस्ताक्षर है। जबकि उनके द्वारा कभी कोई विक्रय किया ही नहीं गया।
आरोपी बहादु सिंह रावत द्वारा उक्त आराजीयात को ऋषि राज सिंह पुत्र मनोहर सिंह राजपुत्त निवासी घटीयावली जिला अजमेर के नाम पर रजिस्ट्री करा दी। उक्त लोगों के द्वारा मिलीभगत कर उक्त समस्त दस्तावेज फर्जी, कूटरचित बनावटी अवैध दस्तावेज स्टाम्प विक्रेता द्वारा फर्जी स्टाम्प जारी कर, अपराधिक कृत्य के उद्देश्य से निर्मित किये जाकर भैरु लाल व अन्य सहखातेदारों की जमीन को हड़पने की नियत से किया गया। भैरूलाल को जब केसीसी का लोन लेने के लिए खाते की नकल निकाली तो उक्त षडयंत्र की जानकारी हुई। भैरु लाल की उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली निम्बाहेड़ा पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। मामले में वांछित आरोपियों की तलाश व गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया।
मामले में पुलिस अनुसन्धान से आरोपियों राजेन्द्र पुत्र बंशीलाल नायक उम्र 34 साल, लाखन नायक पुत्र कनीराम नायक उम्र 50 साल निवासी समेलिया, रामलाल पुत्र मोहन लाल नायक उम्र 50 साल निवासी डल्ला उर्फ किशनपुरा, गणेश लाल पुत्र भाना रेगर उम्र 48 साल निवासी डल्ला उर्फ किशनपुरा व नानुसिंह पुत्र मदनसिंह रावत उम्र 32 साल निवासी घटेरा हाल राजेन्द्र नगर निम्बाहेड़ा जिला चित्तौड़गढ़ के द्वारा कुटरचना कर फर्जी तरीके से जमीन के मालिक को बताये बिना ही उसके स्थान पर डमी मालिक खड़ा कर मुल मालिक के नाम की जमीन को बेचान कर फर्जी रजिस्ट्री कराना पाया गया है। आरोपी नानुसिंह पुत्र मदनसिंह रावत के द्वारा प्रकरण के प्रार्थी भैरूलाल एवं उसके सहखातेदार के फर्जी तरीके से आधार कार्ड तैयार कर, उक्त गिरोह बनाकर फर्जी आधार कार्डों का उपयोग कर प्रार्थी व उसके सहखातेदार के नाम की आराजी भूमि को बेचान में अपने साथी आरोपी राजेन्द्र नायक, लाखन नायक, गणेश लाल रेगर को गवाह बनाकर डमी मालिक रामलाल, महेन्द्र, मांगी बाई निवासी कल्याणपुरा व अणछी भील निवासी सेमलिया को खड़ा कर अपने रिश्तेदार मुल्जिम बहादुर सिंह रावत पुत्र मोहन लाल रावत निवासी सतखंडा, निम्बाहेडा के नाम पर अलग-अलग दो रजिस्ट्री करा दी।कोतवाली निम्बाहेड़ा थाने की पुलिस टीम ने आरोपी राजेन्द्र सिंह नायक को गत 2 जुलाई को गिरफ्तार किया था तथा आरोपियों लाखन नायक, रामलाल नायक, गणेश लाल रेगर व नानुसिंह रावत को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नानुसिंह थाना कोतवाली निम्बाहेड़ा के इसी प्रकार के फर्जी रजिस्ट्री के एक और मामले में वांछित था।

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