चित्तौड़गढ़। पैगम्बर हजरत मोहम्मद के जन्मदिन पर रविवार को शहर में जुलूसे मोहम्मदी का आयोजन किया गया। शहर काजी अब्दुल मुस्तफा की सदारत में मीरा मंच से जुलूसे मोहम्मदी आरंभ हुआ जिसमें सजे धजे ऊंट, घोड़े, बग्गिया आदि शामिल रही। इन बग्गियों में शहर काजी अब्दुल मुस्तफा सज्जादा नशीन सलीम अशरफी युसूफ अशरफी मुफ्ती उस्मान अशरफी जुनेद अशरफी जुबेर अशरफी आदि बैठे रहे। इस दौरान चंदेरिया, कुंभा नगर, प्रताप नगर, रेलवे स्टेशन, कच्ची बस्ती गांधी नगर आदि क्षेत्रों से भी समाज के हजारों व्यक्ति जुलूस के रूप में आकर गोल प्याऊ पर मुख्य जुलूस में सम्मिलित हुए, यहां से हजारों व्यक्तियों का यह जुलूस गांधी चौक, कपड़ा बाजार, चंदनपुरा, लोहार मोहल्ला, बलाईयों की कुई, सुभाष चौक होता हुआ पुन: मीरा मंच पर जाकर संपन्न हुआ।
जहां महफिले मिलाद के बाद फातेहा ख्वानी और देश में अमोनो सुकून की दुआ के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ। जुलूस के दौरान कई स्थानों पर समाज जनों द्वारा पुष्प वर्षा कर इस्तकबाल किया गया। जुलूस में जिला कलक्टर के निर्देश पर नियुक्त मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्जुन सिंह, उप अधीक्षक बुधराज टांक, उपाधीक्षक लाभूराम विश्नोई, शहर कोतवाल विक्रम सिंह सहित कई अधिकारी अतिरिक्त पुलिस जाब्ते के साथ तैनात रहे।
इस आयोजन में अंजुमन सदर जमील खान, नायब सदर एडवोकेट इनायत अली एडवोकेट मुबारिक हुसैन, ज्वाइंट सेक्रेट्री गुलाम रसूल अशरफी, सेक्रेटरी फैज मोहम्मद, कैशियर लियाकत अली शोरगर, संगठन मंत्री मोहम्मद फारुख, इम्तियाज लोहार, कमेटी सदस्य पूर्व पार्षद जाकिर हुसैन, इकबाल, खिज्र खान, शाहिद लोहार, सिद्दीकी नूरी, जलील शाह, सलमान खान आदि व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
कोरोना संक्रमण के 2 वर्ष बाद निकला जुलूस
पिछले 2 वर्षों में कोरोना संक्रमण के कारण देश ही नहीं पूरी दुनिया में जनजीवन अस्त व्यस्त रहा, भारत में कई महीनों तक लॉकडाउन व कोरोना गाईड लाइन के कारण सामूहिक आयोजन निरस्त रहे। इसलिए इस वर्ष पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मोत्सव को लेकर समाज जनों में विशेष उत्साह का माहौल रहा। इसलिए रविवार को निकाले गए जुलूस ए मोहम्मदी में अकीदतमंदो का उत्साह देखने लायक रहा।
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