एनआरआई से रिश्वत लेने के मामले में डीएसपी गिरफ्तार

उदयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उदयपुर मूल के एक एनआरआई से रिश्वत मामले में डिप्टी एसपी ​जितेंद्र आंचलिया को गिरफ्तार कर लिया है। उदयपुर एसीबी कार्यालय में उनसे जयपुर एसीबी की टीम पूछताछ कर रही है। इस मामले में सुखेर थाने के तत्कालीन थानाधिकारी दलपतसिंह को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देश के बाद जयपुर से आयी एसीबी की टीम ने ​उप अधीक्षक जितेंद्र आंचलिया को गिरफ्तार किया है। उदयपुर एसीबी कार्यालय पूछताछ की जा रही है। एनआरआई से रिश्वत लेने के मामले में उदयपुर पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा ने पिछले दिनों सुखेर थाने के उप निरीक्षक रोशनलाल लाल को निलंबित किया था। इस मामले में उप अधीक्षक जितेंद्र आंचलिया की भूमिका की शिकायत मिली थी। उप अधीक्षक जितेंद्र आंचलिया पर पीड़ित एनआरआई को जबरन दबाव में लेकर समझौता कराने का भी आरोप है।
जिस पर उदयपुर आईजी आफिस में नियुक्त उप अधीक्षक जितेंद्र आंचलिया को पहले एपीओ ​कर पुलिस मुख्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए थे। एसीबी ने गिरफ्तारी का प्रेसनोट जारी किया है। उन पर रिश्वत मांगने और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

क्या हैं मामला :- 
मामला उदयपुर के एनआरआई से जुड़ा है। जिसने यहां सुखेर थाने में भूखंड विवाद का मामला दर्ज कराया था। जिसमें बताया कि उसके बड़े भाई ने भुवाना क्षेत्र में करीब 34000 वर्ग गज का भूखंड साल 2007 में खरीदा था। उस समय बड़े भाई ने उसकी पत्नी के नाम भूखंड के एक हिस्से की लीज डीड लिखी थी, लेकिन भाई की मौत के बाद उनकी पत्नी ने पूरी जमीन पर कब्जा करना चाहा। जिस पर उसने सुखेर थाना पुलिस से मदद ली थी। इसके विपरीत सुखेर थाने के जांच अधिकारी उप निरीक्षक रोशनलाल ने उनसे 20 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। जबकि आरपीएस आंचलिया ने इस मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए बड़ी राशि की रिश्वत की पेशकश की। उन्हें दबाव में लेकर पंचवटी क्षेत्र की होटल में परिवादी को बातचीत के लिए बुलाया।
इसकी सूचना परिवादी ने पहले से ही एसीबी को कर दी थी, जिसमें उनके बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली थी। मामले में शिकायत मिलते ही डीजीपी उमेश मिश्रा के आदेश पर पुलिस उप अधीक्षक आंचलिया को आईजी कार्यालय से रिलीव कर दिया गया था।

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